संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बुधवार को गंगा नदी का पानी 20 सेमी. कम होकर खतरे के निशान 137.10 मीटर से 10 सेमी. नीचे आ गया है। गर्रा नदी का पानी भी 30 सेंटीमीटर (सेमी.) कम हुआ है। दोनों नदियों में पानी कम होने से कटान की आशंका के साथ ही संक्रामक बीमारियों के बढ़ने का खतर बढ़ गया है। रामगंगा नदी का पानी 136.85 मीटर पर ही बना हुआ है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी व पहाड़ों पर हाेने वाली बारिश के पानी से यहां पर गंगा, रामगंगा व गर्रा नदी के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। करीब 15 दिन बाद गंगा नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे आया है। गंगा नदी का पानी 137.00 मीटर पर आ गया है। गर्रा नदी का पानी 30 सेमी. कम हुआ है और पानी 144.55 मीटर पर आ गया है।
गंगा और गर्रा का पानी कम होने से बिलग्राम के कटरी क्षेत्र के जलभराव वाले गांवों में नमी के कारण अब झोपड़ियों की दीवारें गिरने लगी हैं। ऐसे में बाढ़ का पानी उतरने के बाद लोगों को अपनी झोपड़ियां बनानी होंगी। खतरे के निशान से गंगा नदी का पानी नीचे आने के बाद भी कटरी के गांव नोखेपुरवा, चिरंजूपुरवा आदि में पानी भरा हुआ है।
बैराजों से गंगा व रामगंगा नदी में एक लाख 89,997 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बैराजों से अब कम मात्रा में छोड़े जाने वाले पानी से नदियों पानी में बढ़ोतरी की आशंका भी कम होती दिख रही है। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि नदियों में पानी कम होना शुरू हुआ है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग व सीएमओ को अलर्ट किया गया है।
निर्देशित किया गया है कि प्रभावित गांवों में लगातार निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए जाएं और लोगों को दवाएं आदि का वितरण किया जाए।
समाजसेवी ने बाढ़ पीड़ितों को भोजन वितरण कराया
हरपालपुर के कटियारी में बाढ़ के चलते लोगों के पास खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को समाजसेवी व मिशन आत्मसंतुष्टि के संस्थापक राजवर्धन सिंह राजू ने बाढ़ पीड़ितों का दुख-दर्द जाना व भोजन वितरण कराया। उन्होंने पीड़ितों के साथ बैठकर भोजन भी किया। अलीशेरपुर, सुदनीपुर समेत अरवल के कई मजरों में उन्होंने लोगों को भोजन वितरण किया और बच्चों को खाना खिलाया। आमिर मंसूरी, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।