संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। पहाड़ों पर हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी ने यहां गंगा नदी किनारे के गांवों के लोगों को पलायन के लिए मजबूर किया है। गंगा, रामगंगा व गर्रा नदी में बाढ़ के कारण प्रभावित 45 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप करा दी गई है। 28 विद्यालयों को बंद करा दिया गया है। शनिवार को गंगा नदी के पानी में 5 सेंटीमीटर (सेमी.) की वृद्धि हुई। पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 30 सेमी. ऊपर 137.40 मीटर पर पहुंच गया है।
बिलग्राम के कटरी क्षेत्र में घरों तक पानी पहुचने से लोगों ने गृहस्थी का सामान शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। बैराजों से गंगा और रामगंगा नदी में 5 लाख 67,796 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अगले दो-तीन दिन में और पानी बढ़ने की आशंका जाहिर की गई है।बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से गंगा नदी के पानी में लगातार चौथे दिन वृद्धि दर्ज की गई है। शनिवार को रामगंगा नदी के पानी में पांच सेमी. और गर्रा नदी में 50 सेमी. की कमी आई है।
रामगंगा नदी का पानी 136.65 मीटर और गर्रा का पानी 144.80 मीटर पर आ गया है। हरपालपुर क्षेत्र में गंगा व रामगंगा नदी में बाढ़ के कारण पलिया विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दहेलिया, बेसहारा, अहिरनपुरवा, ढकपुरा, बदनापुर, गढ़िया, बारामऊ, कुंडापुरा, खजुआपुर, जीवनपुरवा, जवाहरपुरवा, किशनपुरा, निकामदपुर, सुलखामऊ, बदनापुर, रामनगर, मोर्चा मुरवा शहाबुद्दीनपुर, बेहटालाखी, आलमपुर व अदनिया समेत करीब 45 गांवो की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों की दिक्कते और बढ़ गई हैं।
पलिया उपकेंद्र के एसएसओ अतुल वाजपेई ने बताया कि अधिकारियों के आदेश पर बाढ़ प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति बंद की गई है। हरपालपुर खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय मोर्चा, अर्जुनपुर, कुढा नगरिया, मोर्चाबाग, ज्ञानपुर, प्रतिपालपुर, सरेसर, खरगपुर,रावियापुर, नरौथा, ककराही, जीवनपुरवा, गढ़िया, दहेलिया, ढाकपुरा, आलमपुर व बारामऊ के साथ उच्च प्राथमिक विद्यालय सुलखामऊ जवाहरपुरवा, नरौथा, अर्जुनपुर, कुढा नगरिया बारामऊ व संविलियन विद्यालय अरवल को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
इन विद्यालयों के शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में शिक्षण के निर्देश दिए गए हैं। गंगा नदी के पानी से बिलग्राम क्षेत्र के पटरी परसोला का मजरा मक्कूपुरवा, रामेश्वरपुरवा, घासीराम पुरवा, कटरी बिछुइया का चिरंजीपुरवा, तेरवाकुल्ली का गुलाबपुरवा व देवीपुरवा, शाहपुरपवार का हरीगंज, हीरापुरवा, लुकैयापुरवा, कटरी छिबरामऊ का मोहनपुरवा, सुनारीपुरवा गांवों में तेजी से पानी बढ़ा है। पानी घरों तक पहुंच चुका है। घरों में पानी भरने से सड़क की ओर पलायन कर रहे हैं। कई स्थानों पर रास्तों तक पर पानी भर गया है और आवागमन के लिए नावों का प्रयोग किया जा रहा है।
एसडीएम संजीव ओझा ने बताया कि खाने के पैकेटों का प्रभावित लोगों में वितरण कराया जा रहा है। पांच बाढ़ चौकियाें के माध्यम से प्रभावित 500 परिवारों को दोनों वक्त खाना लेखपालों की ओर से पहुंचाया जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने बताया की मोहनपुरवा, चिरंजीपुरवा व पुन्नापुरवा प्राथमिक विद्यालय तक पानी पहुंचने से विद्यालयों को बंद करा दिया गया है। तहसील सवाजपुर क्षेत्र में गंगा, रामगंगा नदी का पानी फसलों में भर जाने से नुकसान की आशंका है। क्षेत्र के श्रीमऊ, चौसार सहित छह गांव पूरी तरह से प्रभावित हैं।
डीएम ने लिया जायजा, प्रभावितों की मदद के निर्देश
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने शनिवार को तहसील सवायजपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया। उन्होंने बेहटा मुड़िया, चंद्रमपुर पहुंचकर ग्रामीणों से जानकरी ली। नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हालातों की जानकारी ली। एसडीएम को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों हर संभव मदद समय से पहुंचाई जाए।
सीएमओ साहब, प्रभावित गांवों में नहीं पहुंच रहे चिकित्सक
डीएम ने शुक्रवार को बिलग्राम क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया था। ग्रामीणों ने चिकित्सक, स्वास्थ्य टीम के न आने और दवा आदि प्राप्त न होेने की जानकारी दी थी। इस डीएम ने देर रात सीएमओ डॉ. रोहताश कुमार को कैंप कार्यालय पर तलब कर लिया। बाढ़ राहत चौकियाें पर लगाई गई स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी के संबंध में जानकारी ली। कागजों पर ड्यूटी लगी होने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। कहा कि प्रभावित गांवों में चिकित्सक व टीम नहीं पहुंच रही है।