हरदोई। सीमा विस्तार में नगरीय निकाय में शामिल विकास खंड शाहाबाद की ग्राम पंचायत उधरनपुर सहित शाहाबाद और कछौना की छह ग्राम पंचायतों में करीब 70 लाख रुपये के खर्च का हिसाब-किताब नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों में खर्च का हिसाब-किताब न मिलने से कराए गए कामों की भी स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
नगर पालिका परिषद शाहाबाद के सीमा विस्तार में विकास खंड शाहाबाद की 13 ग्राम पंचायत निकाय सीमा में शामिल हो गईं हैं। इससे इन ग्राम पंचायतों का अस्तित्व भी पंचायतीराज विभाग में समाप्त हो गया है। पंचायत के चालू पंच वर्षीय के लिए चुनाव भी हुए थे। करीब एक साल तक ग्राम पंचायतों ने काम-काज भी किया।
साल 2022-2023 में ग्राम पंचायत उधरनपुर की ओर से राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद से प्रिया साफ्टवेयर पर 31,00362 रुपये और मनरेगा मद से करीब 8,18733 रुपये का सामग्री खरीदारी, कार्य और मजदूरी मद में भुगतान निकाला गया। ऐसे ही शाहाबाद की ही ग्राम पंचायत पसिगवां में राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग की मद से 9,56,425 रुपये और मनरेगा मद से 7,40,360 रुपये का भुगतान निकाला गया है।
ग्राम पंचायत दलेलनगर में 2,27,067 रुपये पंचायत के जिम्मेदारों ने खर्च किए हैं। विकास खंड कछौना की ग्राम पंचायत गौसगंज में 3,76,196 रुपये और दूसरी बार में 2,86,930 रुपये, तेरवा दहिगवां में 9,34,083 रुपये पंचायत के जिम्मेदारों ने खर्च किए हैं।
ग्राम पंचायतों में खर्च का हिसाब-किताब न मिलने की रिपोर्ट लेखा परीक्षा कार्यालय की ओर से प्राप्त कराई गई है। वर्ष 2022-2023 में गड़बड़ी के संबंध में सहायक विकास अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही इसके लेखा परीक्षा अधिकारी की ओर से लगाई गईं आपत्तियों के निराकरण की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ