हरदोई। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को गंगा नदी के पानी में 5 सेमी. की कमी आई है और पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। खतरे के निशान से ऊपर पानी होने से कटरी क्षेत्र के लोगों की मुसीबतों में कमी नहीं आई है।
गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों के पानी में बुधवार को पांच-पांच सेमी. की कमी हुई है। रामगंगा और गर्रा नदी में पानी कम होने से सवायजपुर क्षेत्र के गांवों के लोगों को कुछ राहत मिली है, लेकिन कटान की आशंका बढ़ गई है। गंगा नदी में पानी कम होने के साथ ही कटान के साथ ही फसलों को भी नुकसान की आशंका बनी हुई है। बिलग्राम क्षेत्र के चिरंजीवपुरवा, उम्मेदपुरवा, नोखेपुरवा, पुनापुरवा, जरैला, दीनापुर, मक्कूपुरवा व कटरी महादेवा के लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं।
चिरंजीवपुरवा में घरों तक में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरा होने और तेज से गरम होने के कारण फसलें पीली पड़ने लगी हैं। पशुपालकों को हरे चारा की भी समस्या होने लगी है।
बैराजों से गंगा और रामगंगा में तीन लाख 33,607 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें से गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 79,154 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 89,650 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,44,582 क्यूसेक पानी और रामगंगा नदी में खो बैराज से 5,427, हरेबली बैराज से 207 और रामनगर बैराज से 10,687 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि नदियों में पानी कम होने से कटान की आशंका के दृष्टिगत निगरानी कराई जा रही है।