संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मनरेगा मद से होने वाले कार्यों की सामग्री के उपयोग से पहले ही गुणवत्ता जांची जाएगी। घटिया सामग्री पर फर्म व तकनीकी सहायक पर कार्रवाई होगी। निर्माण सामग्री का सैंपल भी सुरक्षित रखा जाएगा और प्रयोगशाला से जांच भी कराई जाएगी। मिट्टी के कार्यों में जमीन की सतह का लेवल काम से पहले और काम के बाद अनिवार्य रूप से लिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सभी कार्यक्रम अधिकारियों को सौंपी गई है।
मनरेगा मद से होने वाले कार्यों में गड़बड़ी, सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगने वाले आरोप व जांच में पुष्टि होने की स्थिति से बचने और कार्यों में गुणवत्ता जाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था प्रभावी कराई जा रही है। उपयोग से पहले सामग्री की गुणवत्ता कार्यस्थल पर जांची जाएगी। साथ ही इसके सीमेंट, सरिया, इंटरलॉकिंग, टायल्स, गिट्टी व बजरी आदि के नमूने भी लिए जाएंगे और इनकी जांच प्रयोगशाला से कराई कराई जाएगी। सामग्री की गुणवत्ता मानक अनुरूप होने पर ही भुगतान की पत्रावलियां आगे बढ़ पाएंगी।
ऐसे ही मनरेगा मद में मिट्टी के कामों में जमीन की सतह का लेवल काम से पहले और बाद में अवश्य लिया जाएगा। काम होने के बाद भी निर्माण की गुणवत्ता को जांचा जाएगा। सामग्री के सैंपल परियोजना से जुड़े अधिकारी की ओर से नहीं लिए जाएंगे। इसके लिए अलग से अधिकारी को नामित किया जाएगा।
वर्जन
निर्माण में गुणवत्ता व भुगतान से पहले कार्रवाई के लिए व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा रहा है। सभी कार्यक्रम अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सामग्री के सैंपल फेल होने की दशा में आपूर्तिकर्ता फर्म, तकनीकी सहायक, अवर अभियंता के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। सभी विकास खंडों पर निर्माण के बाद की जांच के लिए टूल की खरीदारी भी कराई जा रही है।
सौम्या गुरूरानी, सीडीओ