महीठा प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज
- डीएम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पंचायतीराज अधिनियम के तहत की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांव में कराए गए विकास और निर्माण कार्यों की जांच में अनियमितता की पुष्टि पर जिलाधिकारी ने महीठा प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। उन्होंने पंचायत सचिव के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को जिम्मेदारी सौंपी है।
डीएम एमपी सिंह ने यह कार्रवाई विकास खंड भरावन की ग्राम पंचायत महीठा की प्रधान गीता देवी के खिलाफ की है। गांव निवासी विशाल द्विवेदी ने लोकायुक्त एवं उन्हें शिकायती पत्र दिया था। इस पर भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम और राष्ट्रीय जल प्रबंध योजना के सहायक अभियंता से सितंबर 2022 में जांच कराई थी। बताया गया कि 14 लाख रुपये से बनवाई गई डा. भीमराव आंबेडकर स्मृति वाटिका में सामग्री का भुगतान प्रधान गीता देवी के पुत्र शिवम को किया गया था। ऐसे ही एक कार्य को पांच भागों में बांटकर कराके अनियमितता की गई।डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि विनोद के घर से इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण में श्रमिकों का विवरण अभिलेखों में नहीं मिला, शिवम के नाम पर 3,280 रुपये का वाउचर लगा मिला।
हैंडपंपों के रीबोर पर खर्च राशि के संबंध में हैंडपंपों के स्थल नहीं बताए गए थे। सामुदायिक शौचालय प्रयोग में नहीं था। जांच टीम ने शासकीय धनराशि का दुरुपयोग होने की रिपोर्ट दी थी।
इसके बाद प्रधान गीता देवी और ग्राम पंचायत अधिकारी सुचेता यादव को नोटिस दिया गया था। इसका प्रधान ने कोई जवाब नहीं दिया है। इस पर डीएम ने पंचायतीराज अधिनियम के तहत प्रधान गीता देवी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। इसके साथ ही भरावन बीडीओ को आदेश दिए हैं कि ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के ग्राम पंचायत सदस्यों की तीन सदस्यीय समिति का गठन कराएं।