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Hardoi News: लेखपाल की मनमानी का दर्द झेल रहे किसान, न भूमि बची, न मिला मुआवजा

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हरदोई। गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि में लेखपाल की मनमानी का किसान तीन साल से दर्द झेल रहे हैं। किसानों के पास न तो भूमि बची है और न ही मुआवजा का रुपया मिला है। किसान हक पाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं। तहसील बिलग्राम के मल्लावां क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण में खेल और मनमानी अब सामने आने लगी है।
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भूमि अधिग्रहण में मनमानी के यह दो उदाहरण मात्र है, ऐसे ही मल्लावां कस्बा के ही बाजीगंज निवासी किसान पीयूष कुमार और श्यामपुर निवासी अनिल कुमार को भी भूमि अधिग्रहण में लेखपाल की ओर से की गई मनमानी के कारण दौड़भाग करनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में से एक विश्व के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जिले में तहसील शाहाबाद, सवायजपुर और बिलग्राम में मानचित्र के हिसाब से भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
राजस्व विभाग की ओर से भूमि अधिग्रहण की पहली इकाई लेखपालों ने खूब खेल किए और मनमानी की। तहसील बिलग्राम के मल्लावां क्षेत्र में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के मुआवजा को तय किए जाने और किसानों को भूमि के हिसाब से मुआवजा न मिलने और कई किसानों की भूमि न लिए बिना ही मुआवजा का भुगतान दिलाए जाने के मामले इन दिनों चर्चा में हैं।
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पीड़ित किसान : सुबोध कुमार
निवासी : मोहल्ला बंदीपुर, मल्लावां
गंगा एक्सप्रेसवे के लिए इनकी भूमि ली गई है। अधिग्रहीत की गई भूमि का भी पूरा मुआवजा नहीं मिला है, इतना ही नहीं बची भूमि पर इन्हें वापस नहीं की गई है। तीन साल से यह अपना हक पाने के लिए दौड़भाग कर रहे हैं।
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पीड़ित किसान : राजेश कुमार
निवासी : मोहल्ला श्यामपुर
गंगा एक्सप्रेसवे के लिए इनकी भी भूमि ली गई है। अधिग्रहीत की गई भूमि के हिसाब से पूरी भूमि का मुआवजा नहीं मिला है।

गंगा एक्सप्रेसवे के लिए किसानों से भूमि अधिग्रहीत की गई है। भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी किए जाने की शिकायतें प्राप्त हो रहीं हैं। मानचित्र और भूमि अधिग्रहण में हुई गड़बड़ी को गंभीरता से लिया है इसकी पत्रावलियों को तलब किया है। पत्रावलियों की पड़ताल और किसानों की शिकायतों की सत्यता के तथ्यों के आधार पर दोषियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो, संबंधित से राशि की वसूली भी कराई जाएगी।
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मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
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