इधर लगातार गैर हाजिर होने पर अदालत ने एनबीडब्ल्यू और धारा 82/83 की कार्रवाई कर दी। सीओ सिटी ने कहा कि उस मामले में जो जामीनदार लगाए गए, उनका कहीं से कोई भी पता नहीं चल रहा है। नानकगंज ग्रंट के प्रधान के मुताबिक उनके यहां सूबेदार नाम का कोई नहीं है और श्रीराम की 17 जनवरी 2020 में ही मौत हो चुकी है।
इसके अलावा अशोक और बाबू की जमानत फर्जी निकली। सीओ सिटी का कहना है कि जब उन्होंने बार एसोसिएशन में अशोक कुमार दीक्षित नाम के वकील के बारे में जानकारी जुटाई,तो इस नाम के अधिवक्ता का बार एसोसिएशन में नाम नहीं दर्ज है।