हरदोई। ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायतों की ओर से पंचायतीराज विभाग से विभिन्न मदों में मिलने वाली राशि के कामों के इस्टीमेट में खेल होता था।
इस्टीमेट को संबंधित अवर अभियंता और कंसल्टिंग इंजीनियर की ओर से हस्ताक्षरित न कराकर दूसरे लोग हस्ताक्षर कर मनमाने ढंग से जारी कर रहे थे। इसमें खास बात यह थी कि इन इस्टीमेट की तकनीकी स्वीकृति भी अधिशासी अभियंता स्तर से आसानी से हो जाती थी। पंचायतीराज विभाग के इस्टीमेट में खेल का खुलासा विकास खंड पिहानी, हरपालपुर, सुरसा, टड़ियावां और हरियावां में हुआ है। इन विकास खंडों के इस्टीमेटों में मनमाने ढंग से कार्य की लागत और तकनीकी स्वीकृति और मेजरमेंट व भुगतान हो जा रहा है।
डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस्टीमेट में खेल की जानकारी पर छापा मारा गया। छापे में विभिन्न विभागों के अवर अभियंता और कंसल्टिंग इंजीनियर की मोहर भी मिलीं हैं। मोहरों के संबंध में पूरी जानकारी जुटाते हुए जारी हुए इस्टीमेट का भी विवरण जुटाया जा रहा है। बताया कि इन विकास खंडों के साथ ही अन्य विकास खंडों के भी इस्टीमेट में भी गड़बड़ी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इसमें शामिल लोगों को चिह्नित कराते हुए जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बताया कि इससे कार्य और भुगतान में मनमानी के साथ ही निर्माण कार्यों में तकनीकी परीक्षण और गुणवत्ता पर भी प्रश्न चिह्न लग रहा है।