शाहाबाद। शाहाबाद की उपजिलाधिकारी ने एक गोपनीय सूचना पर तहसील क्षेत्र के ररी गांव में छापा मारा।
इस दौरान यहां अवैध अस्पताल संचालित होते मिला। अस्पताल परिसर में एसडीएम को न तो पंजीकरण के अभिलेख मिले और न ही डॉक्टर मौजूद मिले। 108 एंबुलेंस सेवा का ईएमटी मौके पर मौजूद मिला और अभिलेख मांगने पर उसने अपने डीफार्मा की पढ़ाई के अभिलेख दिखाए। एसडीएम ने मामले की विस्तृत जांच कर अस्पताल सील किए जाने के निर्देश पिहानी सीएचसी अधीक्षक को दिए हैं।
आईएएस अफसर दीक्षा जोशी शाहाबाद उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। उन्हें गोपनीय सूचना मिली थी कि तहसील क्षेत्र के ररी गांव में अवैध अस्पताल संचालित है। इस पर वह टोडरपुर सीएचसी के डॉ. अपूर्व अवस्थी को साथ लेकर मौके पर गईं। बिना प्लास्टर के दो कमरों में अस्पताल संचालित होता मिला। यहां एसडीएम को 108 एंबुलेंस सेवा का ईएमटी आनंद कुमार मौजूद मिला। आनंद ने एसडीएम को बताया कि अस्पताल उसके मामा रविंद्र चलाते हैं। रविंद्र पांच दिनों के लिए बाहर गए हुए हैं। इसलिए वह यहां काम देख रहा था। पंजीकरण के अभिलेख भी मौके पर नहीं मिले।
एसडीएम दीक्षा जोशी ने बताया कि पिहानी सीएचसी के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार को मामले की जांच कर अवैध अस्पताल सील करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ को भी इस बारे में जानकारी दे दी गई है। सीएमओ डॉ. रोहताश कुमार ने बताया कि बिना पंजीकरण के किसी भी हालत में अस्पताल संचालित नहीं होने दिया जाएगा। अवैध संचालन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।