हरदोई। बेमौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को नुकसान हुआ है। सर्वे में पूरे जिले में फसलों के नुकसान का आकलन आठ फीसदी रहा है। ऐसे में दैवी आपदा के 33 प्रतिशत के मानक से कम नुकसान के आकलन से प्रभावित किसानों को आर्थिक मदद नहीं मिल पाएगी। प्रशासन ने रिपोर्ट आपदा और राहत आयुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।
एक मार्च की रात से तीन मार्च तक हुई बारिश, ओलावृष्टि और हवाओं से गेहूं समेत सरसों आदि की फसल पलट भी गई। मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के अंदर प्रभावित किसानों को मदद की घोषणा की। प्रशासन ने राजस्व विभाग से सर्वे कराया। इसमें जनपद में कुल आठ प्रतिशत नुकसान ही आकलन में सामने आया है। प्रशासन ने सदर तहसील, सवायजपुर, संडीला, बिलग्राम और शाहाबाद के लेखपालों की ओर से किए गए सर्वे की तहसीलवार रिपोर्ट को कंपाइल किए जाने पर नुकसान आठ प्रतिशत ही निकला है।
प्रभारी अधिकारी दैवी आपदा एडीएम प्रियंका सिंह ने बताया कि किसानों के गाटावार फसलों का सर्वे कराया गया है। एसडीएम की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। औसतन 8-10 प्रतिशत नुकसान रहा है।
540 किसानों ने बीमा के लिए किया क्लेम
हरदोई। फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 450 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दावा किया है। उप निदेशक कृषि डॉ. नंद किशोर ने बताया कि ऑनलाइन और कार्यालय में मिलाकर 450 किसानों के आवेदन आएं हैं। फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के साथ ही कृषि विभाग और राजस्व विभाग के कर्मी को नामित टीम बनाई गई हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही प्रभावित किसानों को दावा की भरपाई की जाएगी।