महिला बुनकरों के सपनों को मिलेगी उड़ान
- ग्रामश्री संस्था से जिले के बुनकरों से जुड़ने की कही बात
- महिलाओं को संस्था से जोड़कर बनाया जाता हुनरमंद
संवाद न्यूज एजेंसी
मल्लावां। बदहाली की मार झेल रहीं महिला बुनकरों के सपनों को उड़ान मिलेगी। इसके लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की बेटी अनार पटेल ने इन्हें ग्रामश्री संस्था से जुड़ने का आह्वान किया है। ग्रामश्री संस्था देशभर में विभिन्न क्षेत्रों की हुनरमंद महिलाओं को जोड़ने का काम कर रही है। अब तक संस्था से 17 राज्यों की 17 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ चुकीं हैं। इन सभी को तकनीकी प्रशिक्षण देकर कुशल कारीगर बनाया जा चुका है।
राज्यपाल की बेटी अनार पटेल रविवार देर शाम को मल्लावां कस्बे के काजीटोला पहुंची। उन्होंने महशर अंसारी के खादी ग्रामोद्योग कारखाने पर कपड़े की बुनाई का काम देखा। कपड़ा बुन रहे बुनकरों से उन्होंने जानकारी लेकर उनकी समस्याओं को भी सुना। उन्होंने बुनकरों की दयनीय स्थिति पर अफसोस भी जाहिर किया। कहा कि, मेरी संस्था ग्रामश्री से जुड़ जाओ, इससे सभी बुनकरों को लाभ के साथ मेहनत का पूरा पैसा भी मिलेगा। बताया कि उनकी संस्था महिलाओं के उत्थान के लिए काम कर रही है।
अनार पटेल ने बुनकरों द्वारा तैयार तौलिया, रुमाल, गमछा को देखकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बुनकरों की समस्याओं को अपनी मां के सामने रखेंगे और उनको दूर करवाने का प्रयास करेंगे। इस मौके पर हाजी इशाक, यूपिका उपाध्यक्ष हाफिजुद्दीन अंसारी, तबरेज, गुड्डू अंसारी, हाजी मुन्ना, इकबाल, मौजूद रहे।
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... अब पसरा सन्नाटा
मल्लावां। कस्बे के खादी आश्रम के अलावा कस्बे के मिर्जापुर, काजीटोला के ऐठाना मोहल्ला के साथ ही गांव कजीपुर, नईबस्ती में हजारों की संख्या में बुनकर हथकरघा चलाते थे। यहां लोगों को 24 घंटे खटपट की आवाज सुनाई देती थी। महंगाई के दौर में बुनकरों को मेहनत के सापेक्ष कमाई नहीं हो पा रही है। बुनकरों का कहना है कि एक दिन मुश्किल से 150 रुपये का काम कर पाते हैं। इस वजह से बुनकर अब अन्य काम करने लगे हैं। इसलिए यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। (संवाद)