हरदोई। गर्मियों में जहां सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहींं रक्तदाताओं की संख्या भी कम पड़ गई है। जिसकी वजह से मेजर ब्लड बैंक में खून की मात्रा भी कम स्तर पर पहुंच गई है। ब्लड बैंक में सिर्फ 20 ही यूनिट खून से बचा है।
मेजर ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन सुधीर कुमार ने बताया कि ब्लड बैंक की क्षमता 800 यूनिट की है, लेकिन वर्तमान समय में सिर्फ 20 यूनिट ब्लड उनके पास शेष बचा है। जिसमें 15 यूनिट ओ पॉजिटिव, चार यूनिट ओ नेगेटिव व एक यूनिट बी नेगेटिव है। इसके अलावा अन्य ग्रुप का खून नहीं है। उनका कहना है कि गर्मियों में खून की खपत बढ़ी हुई है। लेकिन खून दाताओं की संख्या में कमी आई है। जिसके कारण ही ब्लड बैंक में खून कम हुआ है।
इस तरह से है रोजाना खून की खपत
टेक्नीशियन के मुताबिक मेजर ब्लड बैंक में रोजाना की खून की खपत 15 से 20 यूनिट है। इसमें सभी प्रकार के यूनिट शामिल रहते हैं। इसी में जननी सुरक्षा योजना के तहत भी महिलाओं को भी खून उपलब्ध कराया जाता है।
-
आवश्यकता पड़ने पर ब्लड डोनरों से भी किया जाता है संपर्क
ब्लड बैंक के टेक्नीशियन ने बताया कि जब भी कभी कोई आवश्यकता पड़ती है, तो ऐसे भी ब्लड खून दाता उनके पास उपलब्ध रहते हैं। जिनके मोबाइल नंबर व पता भी रजिस्टर पर दर्ज रहता है। जिन्हें फोन करके भी खून उपलब्ध करा दिया जाता है।
इन मरीजों को प्रतिमाह एक से दो यूनिट चढ़ता है ब्लड
मेजर ब्लड बैंक के अंतर्गत तीन थैलीसीमिया के मरीज हैं। जिन्हें प्रत्येक महीने में निशुल्क एक से दो यूनिट खून चढ़ाया जाता है। इसके अलावा एक महीने में करीब 10 महिलाओं को भी जननी सुरक्षा योजना के तहत निशुल्क खून दिया जाता है।