शाहाबाद। हिंदू नवजात को मुस्लिम दंपती को 30 हजार रुपये में बेचे जाने के आरोप में पुलिस ने फैमिली हेल्थ केयर के संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मानव तस्करी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही चिकित्सक के खिलाफ पंजीकरण का नवीनीकरण कराए बिना ही अस्पताल संचालन के आरोप में भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शुक्रवार को वायरल हुआ था। इस वीडियो में फैमिली हेल्थ केयर के संचालक डॉ. तबरेज हिंदू नवजात को मुस्लिम दंपती को 30 हजार रुपये में बेचे जाने की बात करते नजर आ रहे थे। एसपी केसी गोस्वामी ने इस वीडियो को गंभीरता से लेकर मामले की जांच कराई थी। इसके बाद शाहाबाद कोतवाल राजदेव मिश्रा ने शाहाबाद सीएचसी के अधीक्षक डॉ. प्रवीण दीक्षित के साथ फैमिली हेल्थ केयर हॉस्पिटल में छापा मारा था।
यहां पता चला था कि डॉ. तबरेज के पास बीएएमएस की डिग्री है और आयुर्वेदिक चिकित्सा के लिए अस्पताल पंजीकृत हुआ था। वर्ष 2018 के बाद से अस्पताल का नवीनीकरण भी नहीं कराया गया था। पूरे मामले में पुलिस ने डॉ. तबरेज, मोहल्ला महमंद निवासी दाई रूबी समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी चिकित्सक को जेल भेज दिया गया है।
जांच के दौरान पता चला कि 30 दिसंबर 2023 को एक शख्स अपनी अविवाहित भतीजी को लेकर डॉ. तबरेज के अस्पताल पहुंचा था। भतीजी अविवाहित और गर्भवती थी। मोहल्ला महमंद निवासी दाई रूबी की मदद से उसका प्रसव हुआ था। प्रसव के लिए 20 हजार रुपये वसूले गए थे। नवजात को शाहजहांपुर जनपद के सदर बाजार थाना क्षेत्र के आलाखा निवासी गुड्डू उर्फ इकबाल सिद्दीकी को डॉक्टर तबरेज ने 30 हजार रुपये में बेच दिया था। बच्चे के बीमार होने पर उसे शाहजहांपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां नवजात की मौत हो गई थी।
जिस नवजात को बेचा गया था उसकी मां का पता शाहाबाद कोतवाली पुलिस अब भी नहीं कर पाई है। दरअसल, नवजात की मां अविवाहित थी। उसका पता चलने पर अभी कई और आपराधिक मामले भी खुल सकते हैं। शाहाबाद पुलिस ने डॉक्टर तबरेज के अस्पताल का जायजा लिया था। तीन कमरे सील भी कर दिए। आरोपी डॉक्टर भी लगभग 20 घंटे पुलिस हिरासत में रहा, लेकिन फिर भी शाहाबाद कोतवाली पुलिस को यह नहीं पता चल पाया कि नवजात की मां कौन है।