नगर के 100 शैया युक्त संयुक्त चिकित्सालय में डायरिया पीड़ित पांच साल के बच्चे की इलाज न मिलने के कारण हुई मौत के मामले में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने संज्ञान लिया है। डिप्टी सीएम ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ को जांच कर लापरवाही बरतने वाले चिकित्सक या कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
इसी क्रम में सीएमओ ने जांच बैठा दी है और प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर को चेतावनी जारी की है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी। जांच कमेटी ने बुधवार को अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच करते हुए बयान लिए।
बुलंदशहर के रामघाट थाना क्षेत्र के गांव कुढ़ेनी निवासी निरंजन सिंह का पांच वर्षीय बेटा पवन डायरिया से पीड़ित था। वह उसे 100 शैया युक्त संयुक्त चिकित्सालय में लेकर पहुंचे। पर्चा लेकर इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन चिकित्सकों के पास बच्चे को देखने तक का समय नहीं था। बताया जाता है कि उस वक्त बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक भी अस्पताल में मौजूद थे। इलाज न मिलने के कारण बालक की अस्पताल में ही मौत हो गई। यह मामला स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक तक भी पहुंच गया। उन्होंने ट्वीट कर सीएमओ से पूरी जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
सीएमओ डॉ.नीरज त्यागी ने मामले की जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. वीके राजपूत व डॉ. रोहित सक्सेना के नेतृत्व में जांच गठित की है। बुधवार को जांच टीम अस्पताल पहुंची। जांच अधिकारियों बताया कि जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी जाएगी।
-जांच समिति से जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। मगर अब तक की जानकारी के अनुसार पीड़ित पक्ष ने साढ़े आठ बजे आना बताया, जबकि सीसीटीवी साढ़े दस बजे का रिकार्ड बता रहा है। इसे लेकर कुछ अभी अंतर है। फिर भी महिला डॉक्टर निधि द्वारा बच्चे को अटैंड न करने पर लापरवाही मानते हुए चेतावनी जारी की गई है। पोस्टमार्टम में बच्चा मृत पहुंचने का समय दर्शा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने पर आगे कार्रवाई तय की जाएगी।-डा.नीरज त्यागी, सीएमओ
अस्पताल में इमरजेंसी शुरू करने की मांग
जनकपुर निवासी विनोद राजपूत व सिमथला निवासी अर्जुन लोधी ने कहा कि 100 शैया युक्त अस्पताल में सिर्फ ओपीडी में ही मरीज देखे जाते हैं। अतरौली का सबसे बड़ा अस्पताल होने बाद भी मरीजों को इमरजेंसी सेवाओं का लाभ न मिलना बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण है। उन्होंने डिप्टी सीएम से मांग की है कि 100 शैया युक्त अस्पताल में भी सीएचसी की तरह इमरजेंसी विधिवत शुरू कराई जाए।