संवाद न्यूज एजेंसी
टड़ियावां। चचेरे भाई के बीमार होने की जानकारी पर पति के साथ मायके आई मानसिक रूप से कमजोर महिला का अर्द्धनग्न शव रविवार दोपहर बाद सड़क किनारे मक्के के खेत में पड़ा मिला। महिला शनिवार की देर शाम से घर से लापता थी। घटना की जानकारी पर सीओ हरियावां पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल की जांच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के भैंसरी गांव निवासी मीरा (45) की शादी मूलरूप से मुजफ्फरनगर जनपद के बौराकला के ग्राम खेड़ी सुनियान निवासी रामेंद्र के साथ हुई थी। पिछले कुछ वर्ष से मीरा और रामेंद्र हरियाणा के सोनीपत जनपद के किला थाना क्षेत्र की डाबर कालोनी में जय पैलेस वाली गली में रह रहे थे। कुछ दिन पहले मीरा के चचेरे भाई अनुज की तबीयत खराब हो गई थी।
एक सितंबर को मीरा अनुज को देखने पति रामेंद्र के साथ आई थी। उसके साथ में तीन वर्षीय पुत्री भी थी। बुखार पीड़ित अनुज की शनिवार को मौत हो गई थी। शाम को मीरा अपनी तीन वर्षीय पुत्री के साथ घर से निकल गई। इसके बाद पति रामेंद्र व अन्य परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रविवार दोपहर बाद भैंसरी से मानपुर जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे मक्के के खेत में उसका शव अर्द्धनग्न अवस्था में पड़ा मिला।
राहगीरों की सूचना पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। सीओ शिल्पा कुमारी ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। देशराज की तहरीर पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। देशराज के मुताबिक मीरा मानसिक रूप से विक्षिप्त थी।
इनसेट
भट्ठे पर शनिवार को किया था हंगामा, गई थी पुलिस
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर एक ईंट भट्ठा है। इस ईंट भट्ठे के पास महिला शनिवार शाम अपनी बेटी के साथ नहा रही थी। इस दौरान महिला अपनी पुत्री को बार बार पानी में पटक रही थी। यह देखकर कुछ लोगों ने बेटी को वहां से हटा दिया था। इसके बाद महिला भट्ठे पर भी गई थी और वहां रजिस्टर फाड़ दिए थे। भट्ठे के कर्मचारियों ने यूपी 112 पर घटना की जानकारी दी, तो पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन महिला को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताकर मौके से चली आई।
सकुशल मिली बेटी
मीरा की बेटी सकुशल मिल गई है। घटनास्थल से पांच सौ मीटर दूर सिथत मामपुर के ग्रामीण शनिवार शाम मीरा का व्यवहार बेटी से देखकर कुछ गलत सोचने लगे थे। मासूम को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से वह लोग उसे अपने साथ ले गए। सीओ के मुताबिक बच्ची पुलिस के पास ही है।
बेटी के घर गई थी मां, वहीं मिली जानकारी
भाई के बीमार होने की जानकारी पर मीरा गांव आ गई, लेकिन इसके एक दिन पहले ही उसकी मां पदमाश्री को मीरा के बीमार होने की जानकारी मिली थी। इस जानकारी पर वह सोनीपत गई थी। इधर से पदमा गई और उधर से मीरा घर आ गई। रविवार को पदमा को घटना की जानकारी दी गई, तो उसने मीरा के पति रामेंद्र को लेकर ही गंभीर आरोप लगाए। मीरा के दो सगे भाई हैं जो देहरादून में रहते हैं।