हरदोई। मेडिकल कॉलेज की सीटी स्कैन मशीन मरम्मत के बाद 24 घंटे भी नहीं चल सकी। शुक्रवार को सीटी स्कैन मशीन ट्यूब फुंक गई। मशीन की सर्विस करने आए मैकेनिक ने ट्यूब फुंकने की जानकारी विभाग के अधिकारियों को दी है। ट्यूब बदलवाने पर करीब 50-60 लाख के खर्च का अनुमान है और एक माह का समय लग सकता है।
मेडिकल काॅलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल में अब लगभग एक माह तक मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा नहीं मिल पाएगी। ऐसे में अब मरीजों को प्राइवेट पैथालॉजी और सीटी स्कैन सेंटर पर जेब खाली करनी पड़ेगी। जिला चिकित्सालय परिसर में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत छह फरवरी 2018 को सीटी स्कैन मशीन स्थापित हुई थी और इसकी सुविधा निशुल्क मिलती थी। बीती 24 जुलाई को सीटी स्कैन मशीन में खराबी आ गई थी, लेकिन यहां तैनात अंकित यादव ने मशीन सही करा ली थी। साथ ही संबंधित फर्म को मशीन खराब होने की जानकारी दी थी।
इसके बाद 26 जुलाई को फर्म के विशेषज्ञों ने मशीन का बारीकी से परीक्षण किया, तो पता चला कि मशीन की ट्यूब खराब है। अगले एक माह में ट्यूब पड़ने की संभावना है। सीएमएस डॉ. जेके वर्मा ने बताया कि मशीन खराब होने की सूचना शासन को भेज दी है। शासन से दिशा-निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीटी स्कैन के लिए अब खर्च करने होंगे ढाई हजार रुपये
सीटी स्कैन खराब होने के बाद अब मरीजों को प्राइवेट सेंटरों पर जांच कराने के लिए जाना होगा। बाजार में सीटी स्कैन का न्यूनतम मूल्य ढाई हजार रुपये है। औसतन हर रोज 45 मरीजों को सीटी स्कैन लिखा जाता है।