संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी व पहाड़ों पर हो रही बारिश से यहां की नदियों में पानी बढ़ने से बाढ़ आई है। बाढ़ के पानी से यहां पर कटरी-कटियारी क्षेत्र में फसलें खराब होने लगीं हैं। खेतों में लगातार पानी भरा रहने से पौधों की डंठल कमजोर व पीली पड़ने लगी हैं। कटरी-कटियारी क्षेत्र में करीब 300 एकड़ फसलों के प्रभावित होने का अनुमान है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से गंगा, रामगंगा व गर्रा के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। गंगा, रामगंगा व गर्रा नदी में पानी बढ़ने से कटियारी क्षेत्र के गंभीरी व नीलम नदियों का पानी भी एक हो गया है। इससे क्षेत्र में पानी का फैलाव बढ़ा है और पानी खेतों में भर गया है। बाढ़ से 72 गांव प्रभावित हुए हैं। इसमें बिलग्राम की आठ ग्राम पंचायतों के 25 मजरा और सवायजपुर क्षेत्र की 12 ग्राम पंचायतों के 47 मजरा शामिल हैं।
सोमवार को गंगा नदी का पानी 135.25 मीटर पर ही बना हुआ है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 85,224 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 52,716 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,07,213 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी के पानी में 15 सेमी. की बढ़ोतरी हुई है। पानी 136.80 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा नदी में खो बैराज से 6,962, हरेबली बैराज से 5,364 व रामनगर बैराज से 1,237 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि प्रभावितों को तहसील के माध्यम से मदद पहुंचवाई जा रही है। फसलों के नुकसान का आकलन बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद कराया जाएगा।