स्कूल के कक्ष में घुसा मगरमच्छ
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तहसील के गांव सिंधौरा में सोमवार को प्राथमिक विद्यालय में एक मगरमच्छ घुस आया। मगरमच्छ को देख बच्चे दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को काबू में करते हुए विद्यालय के एक कमरे में बंद कर दिया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को कब्जे में लेकर काली नदी में छोड़ दिया है।
सोमवार सुबह हुई बारिश के बाद तालाब से निकलकर दो मगरमच्छ आबादी तक पहुंच गए। गांव के लोगों की नजर पड़ी तो एक मगरमच्छ वापस तालाब में चला गया, जबकि दूसरा गांव के प्राथमिक विद्यालय में घुस गया। मगरमच्छ को देखते ही विद्यालय में मौजूद बच्चे दहशत में आ गए। तभी गांव के भूपेंद्र सिंह, रवेंद्र सिंह और अरविंद राजपूत समेत तमाम लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने चारों ओर से मगरमच्छ को घेर लिया और डंडों से पीटकर उसे काबू में कर विद्यालय के एक कमरे में बंद कर दिया। उसके बाद बच्चों को विद्यालय से बाहर निकाल दिया। सूचना पर वन दरोगा राहुल चौधरी, कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को कब्जे में लेकर आबादी से दूर काली नदी में छोड़ दिया।
दूसरे मगरमच्छ को पकड़ने की मांग, हंगामा
गांव पहुंची वन विभाग की टीम से ग्रामीण भिड़ गए। ग्रामीणों का कहना था कि तालाब में मौजूद दूसरे मगरमच्छ को भी पकड़ा जाए। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों मगरमच्छ काफी समय से आबादी के बीच तालाब में हैं। कई बार वन विभाग को सूचना दी गई, लेकिन मगरमच्छ नहीं पकड़ा गया। इससे लोगों को हर वक्त भय रहता है। वन विभाग की टीम ने बीडीओ अतरौली से बात कर तालाब का पानी निकालने में सहयोग करने को कहा है, ताकि तालाब में मौजूद मगरमच्छ को भी पकड़ा जा सके।
मगरमच्छ को पकड़कर काली नदी में छोड़ दिया है। तालाब से पानी निकालकर मंगलवार को दूसरे मगरमच्छ को पकड़कर काली नदी में छोड़ दिया जाएगा। गांव के लोगों ने उसे काबू में करने के लिए डंडों का सहारा लिया था। लेकिन उससे मगरमच्छ को कोई चोट नहीं आई। उसे ठीक हालत में नदी में छोड़ा गया है।
-महफूज अली, रेंजर