पीड़ित से पूछताछ क रते लखनऊ चौकी इंचार्ज जनार्दन सिंह।
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शहर के कटियार नर्सिंग होम के कर्मियों ने मंगलवार बेटी को देखाने आए पिता पुत्र को दौड़ा दौड़ाकर बेल्टों से पीटा। दोनों का कसूर सिर्फ इतना था कि पेट दर्द से छटपटा रही बेटी को डाक्टर को जल्दी दिखाने की बात कह रहे थे। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दो कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया है। पिहानी ब्लाक के बखरिया गांव निवासी बाबूराम की बेटी सुमन (22) एक महीने से पेट दर्द से पीड़ित है।
इस पर मंगलवार को बाबूराम बेटी को लेकर कटियार नर्सिंग होम पहुंचा। उसके साथ पुत्र प्रमोद (35) भी था। बाबूराम ने बताया कि यहां पर 50 रुपये जमा करके पर्चा बनवाया और अल्ट्रासाउंड के लिए 350 रुपये जमा कर दिए। डाक्टरों को दिखाने के लिए उसे छठा नंबर और अल्ट्रासाउंट के लिए 18 नंबर मिला था। अल्ट्रासाउंड पहले हो गया और करीब 11 बजे रिपोर्ट भी मिल गई थी। रिपोर्ट लेकर प्रमोद डाक्टर के पास जा रहा था लेकिन केबिन के बाहर बैठे दीपक पटेल ने उसे रोक लिया।
दीपक ने कहा कि डाक्टर साहब इमरजेंसी केस देख रहे हैं। उसके बाद भी कई मरीजों को डाक्टर ने देखा लेकिन सुमन कर नंबर नहीं आया। प्रमोद बहन के पेट दर्द का हवाला देकर जल्दी दिखाने की बात कहकर केबिन में घुसने लगा। आरोप है कि इस बात पर दीपक ने गाली गलौैज कर उसे बाहर की ओर धक्का दे दिया। प्रमोद के साथ बाबूराम ने इसका विरोध किया। इस पर 8-10 कर्मचारी और आए गए। सब मिलकर पिता-पुत्र को लात घूसों व बेल्टाें से पीटते हुए बाहर ले गए और नाले में धकेल दिया।
इससे नर्सिंग होम के बाहर मजमा लग गया। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंची और दीपक पटेल को कोतवाली ले गई। प्रभारी कोतवाल संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि बाबूराम की तहरीर पर दीपक पटेल सहित नर्सिंग होम के दो कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नर्सिंग होम संचालक डा. विनय कटियार ने बताया कि विवाद के समय मैं नर्सिंग होम मेें नहीं था। डाक्टर इमरजेंसी मरीजों की जांच कर रहे थे। इमरजेंसी मरीजों के बाद सामान्य मरीजों की जांच की जाती है। तीमारदार बगैर नंबर के जांच कराने की जिद कर रहे थे। दीपक ने नंबर आने से अंदर भेजने की बात कही थी। इसी बात पर धक्कामुक्की हो गई। मारपीट का आरोप गलत है।