हरदोई। पाली हत्या और लूटकांड का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। एसपी उमेश कुमार सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष के भाई समेत दो घरों में हत्यायुक्त डकैती में पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास से 8100 रुपये, एक जोड़ी सोने के कुंडल और घटना में प्रयुक्त डंडे बरामद कर लिए। उन्होंने बताया कि घुमंतू जाति के इन बदमाशों ने फर्रुखाबाद के फैजबाग में डेरा डाल रखा था इनका सरगना फरार है।
तीन अप्रैल की रात को पाली कस्बा के मोहल्ला शेेख सराय निवासी अफसर के घर बदमाशों ने हमला बोलकर उनकी मां भूरी की डंडों से पीटकर हत्या कर 17500 रुपये व जेवर लूट लिए थे। घटना के एक घंटा बाद बदमाशों ने कस्बा के मोहल्ला बिरहाना निवासी पूर्व अध्यक्ष कमलाकंात वाजपेयी के भाई ऋषिकांत वाजपेयी के घर पर धावा बोल उनकी हत्या कर नकदी व जेवर लूटकर फरार हो गए थे। इस घटना में ऋषिकंात की पत्नी रीना, पुत्र मयंक व पुत्र वधू रजनी को भी मारपीट कर घायल कर दिया था। घटना के खुलासे के लिए छह टीमों के अलावा एसटीएफ भी मामले की जांच कर रही थी।
एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश पाली में डेरा लगाए हुए थे। एक दिन पहले पिकप डाला के चालक लालू से सामान ले जाने का सौदा किया था। घटना के बाद चार मार्च की सुबह उसे बुलाकर डाला पर सामान रखकर चले गए। पिकप डाला चालक की निशानदेही पर पुलिस ने जनपद फर्रुखाबाद के फैजबाग स्थित साईं गेस्ट हाउस के पास उनके डेरे पर छापा मारा था। जहां से शाहजहांपुर के रामनगर कटरा कालोनी निवासी राजेंद्र और जालौन के कालपी थाना के छौर गांव निवासी राजा बाबू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दोनों बदमाशों ने माना कि उन्होंने लाली के साथ मिल कर घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस ने राजाबाबू के पास से 4000 रुपये, एक जोड़ी सोने के कुंडल, राजेंद्र सिंह के पास से 4100 रुपये और आला कत्ल के रूप में यूकेलिप्ट्स का डंडा बरामद किया। बदमाशों ने मृतका भूरी के पुत्र अफसर से हाथापाई की थी इस कारण उससे शिनाख्त कराई गई। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी नित्यांनद राय, एएसपी पूर्वी बीसी दुबे, सीओ नितेश सिंह आदि रहे। एसपी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना के मुख्य आरोपी लाली की तलाश जारी है। उसके मिलने पर लूट के और सामान के मिलने की संभावना है।
इस प्रकार घटना को देते थे अंजाम
एसपी ने बताया कि बदमाश अलग-अलग स्थानों पर डेरा डाल कर सार्वजनिक रूप से देसी दवा बेचते हैं और उसी दौरान मकान आदि को चिह्नित करते हैं। इसके बाद धावा बोल कर लूटपाट व हत्या को अंजाम देते हैं। ये लोग महिलाओं और बच्चों के साथ रहते हैं, ताकि किसी को शक न हो। धारदार हथियार से कान के नीचे और डंडे से वार कर लोगों की हत्या करते हैं। इसके बाद डेरा लेकर वहां से फरार हो जाते हैं।