पिहानी (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के शाहपुरशुक्ल गांव में लापता रसोइया की गला रेत कर हत्या कर दी गई। शव गांव के बाहर तालाब किनारे गन्ने की पत्तियों के ढेर में दबा मिला। गुमशुदगी की शिकायत के बाद भी पुलिस की लापरवाही से खफा ग्रामीणों ने कई घंटे तक लाश नहीं उठने दी। एएसपी ने दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। देर शाम छह लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। घटना के पीछे जमीन का विवाद बताया जा रहा है।
गांव निवासी वंदना शुक्ला पत्नी स्व. मदन शुक्ला गांव के प्राथमिक स्कूल में रसोइया थी। 25 अप्रैल को वह संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। बेटे शिवम ने कोतवाली में तहरीर देकर गांव के तीन लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया था। इसके बावजूद पुलिस ने खोजबीन नहीं की। शुक्रवार को लोगों ने गांव के बाहर तालाब किनारे गन्ने की पत्ती के ढेर से बदबू आ रही थी। पास जाने पर लोगों ने देखा कि ढेर से किसी महिला का हाथ बाहर निकला था।
लाश मिलने की सूचना पर शिवम व परिवार के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। परिजनों की सूचना पर कोतवाल पवन त्रिवेदी मौके पर पहुंचे। महिला की धारदार हथियार से गल रेतकर हत्या की गई थी। शव का कुछ हिस्सा जानवर खा गए थे। लाश से कुछ दूरी पर मृतका का मोबाइल फोन, गले का हार और चप्पल भी पड़ी मिली। ग्रामीणों को आशंका है कि शव जलाने की नीयत से पत्तियों के ढेर में दबाया गया होगा, लेकिन किसी के पहुंच जाने के कारण हत्यारे भाग गए होंगे।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा ग्रामीणों ने शव उठाने का विरोध किया। ग्रामीण मौके पर डीएम और एसपी को बुलाने की मांग पर अड़ गए। हंगामा बढ़ता देख कोतवाल ने एसडीएम दिलीप त्रिगुणायत, सीओ शाहाबाद श्यामकांत त्रिपाठी, एसपी लक्ष्मी निवास मिश्रा को सूचना दी। एएसपी ने पुलिस की लापरवाही की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। तब जाकर लोग शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम लापरवाही बरतने में सिपाही आदेश त्रिवेदी व दिनेश शुक्ला को लाइन हाजिर कर दिया गया है। नामजद आरोपियों में पिता और दो बेटे व गांव के दो लोग हैं।