घटना स्थल के बाहर लगी ग्रामीणों की भीड़।
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टड़ियावां थाना क्षेत्र के ग्राम गुरसंडा में संदिग्ध हालात में आग लगने से दो सगी बहनों की झुलसकर मौत हो गई। घर के अगले हिस्से में बनीं दुकान के बंद शटर से धुंआ बाहर आते देख ग्रामीणों ने शोर मचाया। जब तक ग्रामीण घर के अंदर पहुुंचे तब तक दोनों बहनों की मौत हो चुकी थी।
गुरसंडा निवासी सुरेंद्र गांव में ही साइकिल मोटरसाइकिल के पंचर बनाने, हवा डालने आदि का कार्य करता है। घर के बाहरी हिस्से में उसने दुकान बना रखी है, जो अंदर से घर में ही है। बुधवार को सुरेंद्र बाइक से अपनी बहन के यहां ग्राम बेलहारी जा रहा था। घर पर उसकी पत्नी गीता के अलावा दो पुत्रियां पूजा (20) और कल्पना उर्फ संतोषी (19) थीं। दोपहर बाद कुछ ग्रामीणों ने दुकान के बंद शटर से धुंआ निकलते देखा तो सुरेंद्र को मोबाइल पर सूचना दी। इसके साथ ही ग्रामीण शटर के पास से घर के अंदर जाने के लिए बने दरवाजे से अंदर घुस गए। घर के पिछले हिस्से में बने कमरे में संतोषी और पूजा मृत अवस्था में आग से झुलसी हुई पड़ीं थीं। कुछ ही दूरी पर गीता भी बेहोश पड़ी हुई थी। कमरे का कुछ सामान जला हुआ था, लेकिन यहीं पास में रखा घरेलू गैस सिलेंडर व अन्य सामान सुरक्षित था। इसी बीच सुरेंद्र भी घर वापस पहुंच गया।॒ घटना की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सीओ हरियावां ममता कुरील, थानाध्यक्ष गोपाल नरायन सिंह मौके पर पहुंच गए। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर फील्ड यूनिट की टीम भी जांच के लिए गई। एसओ गोपाल नरायन सिंह ने बताया कि गीता को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह जली नहीं है। संभवत: दहशत या दुख के चलते बेहोश हो गई है। उसके होश में आने पर घटना के बारे में कुछ और जानकारी मिलेगी।