हरदोई। शहर के रेलवेगंज चौकी क्षेत्र में मंगलीपुरवा स्थित बेटी की ससुराल पहुंचे बिहार निवासी पिता व चाचा ने कमरे में कैद अपनी बेटी को खासे विरोध के बाद मुक्त करा उसकी जान बचाई। पिता ने रेलवेगंज पुलिस को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।
शुक्रवार को अपनी बेटी क ो ससुरालीजनों की कैद से मुक्त कराए जाने के बाद कार्रवाई कराए जाने को लेकर रेलवेगंज चौकी पुलिस के पास पहुंचे पिता बिहार के जिला शिवांग थाना मेहरवा निवासी रामकिशोर ने बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी तीन साल पहले चौकी अंतर्गत मंगलीपुरवा निवासी रामपाल सिंह के पुत्र अमर सिंह के साथ की थी।
अमर सिंह हिमांचल प्रदेश में किसी प्राइवेट में कार्यरत बताया गया। इनके दो साल की एक बेटी भी है। पिता ने आरोप लगाया कि शुरूआत में सबकुछ ठीक चला लेकिन कुछ दिन बाद से ही उनकी बेटी ने बताया कि उनके सास, ससुर व अन्य परिजन उसे मारने पीटने लगे।
कभी खाना देते कभी खाना न देकर प्रताड़ित करते। पहले तो उन लोगों ने समझाने का प्रयाय किया। पिछले माह में ही शिकायतों को सुनकर बेटी के बाबा भी बिहार से आए थे उनके साथ भी अच्छा व्यवहार नहीं किया गया।
जिसके बाद बिहार में सभी परिजन बेटी को लेकर उधेड़बुन में थे कि गुरुवार की सुबह उसकी ससुराल के एक पड़ोसी ने उन्हें फोन कर बताया कि उनकी बेटी ने पत्थर में नंबर व अपनी बात लिखकर उनके घर में फेंका जिससे आपको खबर दे रहा हूं।
यदि ऐसी ही रही तो आपकी बेटी मर जाएगी। इसको सुनकर वह, चंदन बाबा व विनोद शुक्ल तीनों ट्रेन से देर रात यहां पहुंच गए। सुबह घर जाकर अपनी बच्ची को बचाया। बेटी को दिखाने में ससुराल वाले विरोध कर रहे थे।
पिता ने बताया कि इसके बाद भी वह किसी तरह से अपनी बेटी को वहां से ले आए और पुलिस चौकी गए वहां प्रार्थना पत्र दिया। हांलाकि वहां सुनवाई न होने पर इन लोगों ने अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी बीसी दुबे से शिकायत की।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्व बीसी दुबे ने बताया कि पति अमर सिंह लौट आया था जिसने सभी की तरफ से माफी मांगी और इस बात पर सुलह समझौता हुआ कि वह अपनी पत्नी व बेटी को हिमांचल ले जाएगा। जिस पर उसने सहमति व्यक्त की।