जिला अस्पताल में आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराती पुलिस।
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सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी के मामले में पुलिस ने नौ लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। पूरे मामले में ट्रांसपोर्टर, आढ़ती के अलावा आवश्यक खाद्य वस्तु निगम के गोदाम प्रभारी को भी आरोपी बनाया गया है। पांच आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
शनिवार देर शाम क्राइम ब्रांच प्रभारी अरुणेश गुप्ता को सूचना मिली थी कि सरकारी खाद्यान्न आवश्यक खाद्य वस्तु निगम बेनीगंज के लिए दो भारी वाहनों में जा रहा है। लेकिन ये खाद्यान्न नवीन गल्लामंडी परिसर में एक आढ़ती की दुकान पर उतारा जा रहा है। इस पर पुलिस ने छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने प्रमोद कुमार गुप्ता पुत्र लालबहादुर की दुकान पर 425 बोरी और 54 बोरी खाद्यान्न दुकान के सामने खड़ी डीसीएम से बरामद किया था। सदर तहसील के पूर्ति निरीक्षक विवेक सिंह ने जांच में खाद्यान्न के सरकारी होने की पुष्टि की थी।
मामले को गंभीरता से लेकर डीएम शुभ्रा सक्सेना ने प्रकरण की जांच विस्तार से करने के निर्देश जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार को दिए थे। रविवार को पूर्ति अधिकारी ने एफसीआई गोदाम के उठान प्रभारी रविंद्र कुमार के बयान दर्ज किए। डीएसओ की टीम बेनीगंज में आवश्यक खाद्य वस्तु निगम के गोदाम में जांच करने गई। यहां गोदाम प्रभारी प्रेम बल्लभ भट्ट के बयान दर्ज किए गए। जिला पूर्ति अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेेज दी। सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि मौके से ही प्रमोद कुमार गुप्ता, दीप सिंह, मंजेश, अनीस और रोशनलाल को हिरासत में लिया गया था। सोमवार को इनका चिकित्सकीय परीक्षण जिला अस्पताल में कराने के बाद इन पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।