हरदोई। पाली थाना क्षेत्र में रविवार की रात डकैती और हत्याकांड को अंजाम देने वाले बदमाशों की स्केच तैयार करने के लिए पुणे से टीम आई है। जो चश्मदीदों से बातचीत कर उनके स्केच तैयार करेगी। वहीं, पुलिस ने करीब दो दर्जन से अधिक गैंग चिह्नित कर उनके विषय में जानकारी एकत्रित की।
पाली थाना क्षेत्र के कस्बे में दो घरों में डाका डालकर बदमाशों ने ऋषिकांत और भूरी की हत्या कर दी थी। एसटीएफ सहित डाग स्क्वायड टीम के अलावा क्राइम ब्रांच और पुलिस की कई टीमें लगी हैं। अपर पुलिस अधीक्षक नित्यांदन राय लगातार क्षेत्र में कैंप कर हर जांच पड़ताल कर रहे हैं। बदमाशों के स्केच बनाने के लिए पुणे से बाई प्लेन लखनऊ होकर विशेषज्ञों की टीम आ गई है। जो चश्मदीद के आधार पर उनके स्केच तैयार करेंगे। इसके अलावा पुलिस ने ऐसे चौबीस गैंग को चिह्नित किए हैं। जो लाठी डंडों से हत्या कर लूटपाट की घटना को अंजाम दे चुके हैं। इनमें 12 गैर जनपद के हैं। पुलिस उनके विषय में जानकारी जुटाने में लगी है। घटना से कस्बे में तनाव व्याप्त है।
चार लुटेरों ने दिया था घटना को अंजाम
पुलिस की जांच के दौरान मोहल्ला मलिकाना निवासी साजिद खां ने बताया कि घटना की रात वह बाथरूम से निकले तो मकान के बाहर उन्हें कुछ लोगों की आहट सुनाई दी। उन्होंने चहारदीवारी से झांक कर देखा तो चार व्यक्ति उन्हें मकान के समीप खेत में दिखाई दिए। खेत में तरबूज व खरबूजा आदि की पलेज में पानी लगाया था। उसने खांसा तो चोरों ने राह बदल दी और उत्तर दिशा की जगह पूरब दिशा की ओर चले गए। पुलिस अधिकारियों ने उनके बयान दर्ज कर खेत में पैराें के निशान के नमूने लिए।
एसपी ने की कार्रवाई
पाली। पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह को मंगलवार की देर रात थाने में समीक्षा में पता चला की दरोगा रामचंद्र सोनकर व सिपाही जगदीश प्रसाद अवकाश पर थे। वहीं, अंडर ट्रेनिंग दरोगा और राजेंद्र सैनी मौके पर मौजूद थे। इस पर उन्होंने कार्रवाई को संशोधित करते हुए एसआई रामचंद्र सोनकर व सिपाही जगदीश प्रसाद को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, दीवान राजेंद्र सैनी का निलंबित कर दिया है।
ऋषिकांत बाजपेई के परिजनों क ा पलायन
पाली। बदमाशों के खौफ से वाजपेयी परिवार सदमे में है। ऋषिकंात वाजेपयी की हत्या से सहमे परिजन घर में ताला लगाकर पैतृक मकान में पलायन कर गए हैं। पुत्र मयंक ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए पुराने घर गए हैं। पिता का सिर से साया उठने व मां को जिंदगी मौत से जूझने के बाद अब उनके पास खोने को कुछ नहीं बचा है। वहीं कुरैशी परिवार के घर पर पास पड़ोस की महिलाओें को आना जाना जारी है। मृतका भूरी के तीजे की तैयारी में घर की महिलाएं शोक में डूबी हैं।