अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय की अदालत ने दलित की हत्या में एक को उम्रकैद और सह अभियुक्त को मारपीट के अपराध में तीन साल की सजा सुनाई है। वहीं क्रास केस में चार अभियुक्तों को मारपीट के अपराध में तीन-तीन साल की सजा सुनाई।
घटना की रिपोर्ट मझिला थाना क्षेत्र के बिजगवां निवासी रामस्वरूप ने दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि जानवर चराने के विवाद में 30 अगस्त 1997 को उसके ही गांव के जगदीश सिंह, कौशल सिंह ने साथियों के साथ फायरिंग कर दी थी। घटना में वादी के भाई रामलड़ैते की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। अन्य लोग घायल हो गए थे। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर जगदीश को दलित की हत्या और जानलेवा हमले के अपराध में आजीवन कारावास और कुल 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं सहअभियुक्त कौशल को मारपीट के अपराध में तीन साल की कैद व 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वहीं इसी घटना में दूसरे पक्ष की ओर से संजय सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए सोनपाल, रमेश, हीरालाल, रनवीर पर मारपीट का आरोप लगाया था। अदालत ने चारों को मारपीट के अपराध में दोषी पाते हुए तीन-तीन साल की कैद व कुल छह-छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।