अतरौली थानाक्षेत्र के साहबखेड़ा गांव में हो रही पेड़ों की कटान को विवाद के कारण पुलिस ने रुकवा दिया। पीड़ित अधेड़ थाने पहुंचा लेकिन बात नहीं बनी। थाने से वापस जा रहे अधेड़ की रास्ते में मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने थाने के गेट पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। कासिमपुर एसओ, एसडीएम संडीला मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया।
थानाक्षेत्र के इटौंजा निवासी यदुनाथ सिंह (53) पुत्र महादेव ने सात वर्ष पूर्व थानाक्षेत्र के साहब खेड़ा गांव में चार बीघा खेत का बाराबंकी के दिनेश कुमार से अपने नौकर डल्ला के नाम बैनामा कराया था। खेत में यूकेलिप्टस के 71 पेड़ भी लगे हैं। खेत को लेकर यदुनाथ का साहबखेड़ा निवासी महावीर व उसके पुत्र नंदराम से विवाद चल रहा था। तीन माह पूर्व यदुनाथ पेड़ कटवाने पहुंचा तो महावीर ने पेड़ काटने से मना किया। इसके बाद से यदुनाथ व महावीर के बीच तहसील में विवाद चल रहा था। एसडीएम संडीला ने 15 सितंबर को यदुनाथ के पक्ष में फैसला सुनाया और रमेश पुत्र डल्ला को पेड़ काटने की अनुमति दी थी। गुरुवार को अतरौली पुलिस की मौजूदगी में पेड़ कटवाए जा रहे थे। इस बीच महावीर ने विवाद शुरू कर दिया। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने कटान रुकवा दी। यदुनाथ परिजनों सहित थाने पहुंच गया। थाने से घर लौटते वक्त रास्ते मे लालपुर बंजरा गांव के पास अचानक यदुनाथ की तबियत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए ले जाया जाता, इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। यदुनाथ की मौत से नाराज परिजनों ने शव थाने के गेट पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने के बाद कासिमपुर एसओ संजय मौर्या भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। करीब दो घंटे बाद थाने पहुंचे एसडीएम राकेश कुमार व सीओ अरुण कुमार सिंह ने परिजनों को शांत कराया। थानाध्यक्ष दीनानाथ मिश्र ने बताया कि मुहर्रम के बाद पेड़ कटवाने का आश्वासन दिया गया था। बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।