पाली (हरदोई)। नगर के चर्चित दोहरे हत्यायुक्त लूट कांड से पीड़ित वाजपेयी परिवार राज्यपाल की चौखट तक जा पहुंचा। पीड़ितों ने शिकायती पत्र राज्यपाल, केंद्रीय गृहमंत्री सहित शासन प्रशासन को भेज घटना के सही खुलासे की मांग की है। वहीं, हत्या व लूटकांड से पीड़ित वाजपेयी परिवार आक्रोशित है। लोगों ने सोमवार की रात नगर पंचायत के स्वागत बोर्ड को तोड़ दिया। इस पर चेयरमैन रिजवान खां व सभासद कुमुद वाजपेयी का फोटो लगा था। टूटा बोर्ड नगर पंचायत कार्यालय में रखवा दिया गया है।
ऋषिकांत वाजपेयी के परिजनों ने पुलिस की कहानी को मन गढंत बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस की कहानी में कई झोल है। यदि सही अपराधी जेल भेेजे गए हैं तो उनके घर का लुटा हुआ जेवर व धन कहां है। उसकी बरामदगी क्यों नहीं की गई। पुणे के विशेषज्ञ टीम द्वारा तैयार किए गए स्केच से अपराधियों का मिलान क्याें नहीं कराया गया। उसकी घायल मां के बयान भी पुलिस ने दर्ज नहीं किए।
उन्होंने घटना की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाए जाने की मांग करते हुए दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में एसपी उमेश कुमार सिंह का कहना है कि घटना का खुलासा सही है। कानून के दायरे में रहकर पीड़ित पक्ष किसी भी एजेंसी से जांच कराए जाने के लिए स्वतंत्र है।
उधर, नगर पंचायत अध्यक्ष रिजवान खां ने स्वयं पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए हर जांच से गुजरने की सहमति जताई है। कहा कि उन्होंने हमेशा सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। यदि आरोप लगाने वालों में नैतिक साहस है तो सबसे पहले वह जनता की अदालत में आएं। हम जनता जनार्दन के निर्णय का सम्मान करते हैं।
पुलिस खुलासे पर लगाए सवालिया निशान
पाली। ऋषिकांत वाजपेयी के पुत्र मयंक वाजपेयी ने कहा कि पुलिस जांच में मोहल्ला शेख सराय से सटे गांव अहमदपुर में राम रतन के बाग से यूकेलिप्ट्स के छह: डंडे काटे गए थे। यदि आरोपी तीन थे तो छह डंडे क्यों काटे गए। सवाल किया कि आरोपियों को घटना को अंजाम देने के लिए तत्काल बाद पलायन कर जना चाहिए था वह आठ बजे दिन तक पिकअप डाला व चालक की तलाश क्यों करते रहे। वहीं, फैजबाग से भी स्थान बदल सकते थे। पूर्व में मोहल्ला शेख सराय में घटित घटना में मुख्य दरवाजे की चहारदीवारी पर लगे खून के निशान फोरेंसिक जांच टीम के खुलासे में पशु के मिले, इसका क्या औचित्य है।
एलआईयू और पीएसी तैनात
पाली। नगर में शांति सुरक्षा, अमन चैन का वातावरण बनाए रखने के लिए पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस व पीएसी के जवान पीड़ित परिजनों के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। वहीं, नगर की प्रमुख गली, मोहल्ले व बाजार में भी चहलकदमी कर रहे हैं। हालांकि नगर के सांप्रदायिक सौहार्द में कहीं से कोई कुछ भी गड़बड़ी नहीं है। इसके बावजूद एलआईयू भी नगर के चप्पे चप्पे की टोह ले रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस शांति सुरक्षा व्यवस्था के लिए तत्पर है।
सफाई नायकों के कार्यक्षेत्र बदले
पाली। हत्यायुक्त लूटकांड में नामजद आरोपी सफाई नायक गुलजार खां के कार्य क्षेत्र में फेर बदल किया गया है। घटना से पहले गुलजार खां के पास हिंदू बस्ती के मोहल्ले थे। वहीं, पवन मिश्र मुस्लिम बस्ती की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाले थे। गुलजार खां को हिंदू मोहल्ले से हटा लिया गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष रिजवान खां ने बताया कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए फेर बदल किया गया है। जिससे गलतफहमी में कोई अप्रिय घटना न घट सके।