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हत्यारोपी बहू, भतीजे को जेल भेजा

Mon, 15 May 2017 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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पुलिस लाइन में तत्यौरा में हत्या का खुलासा करते एएसपी बीसी दुबे। - फोटो : amarujala
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हरदोई। शहर कोतवाली के तत्योर गांव में ससुर की हत्यारोपी बहू व भतीजे को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस लाइन में एएसपी पूर्वी ने पत्रकार वार्ता में हत्याकांड का खुलासा किया। बताया कि वृद्ध ने छोटी बहू को भतीजे के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसी के चलते दोनों ने हत्या कर शव गांव के बाहर दफन कर दिया था। एएसपी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त फावड़ा व चुनरी बरामद कर ली गई है। हत्यारोपियों ने जुर्म स्वीकार किया है।
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गांव निवासी श्रीपाल कश्यप (65) पुत्र द्वारिका कश्यप तीन मई को घर से लापता हो गया था। पांच मई को बडे़ बेटे रोहित की तहरीर पर शहर पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी। रविवार सुबह गांव के बाहर गड्ढे में दबी लाश मिली थी। सूचना पर पहुंचे बेटे रोहित ने पिता की पहचान की थी।

रोहित की तहरीर पर पुलिस ने रंजना उर्फ डोली व जेठ पप्पू पुत्र बंशी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। एएसपी ने बताया कि कोतवाल भगवान सिंह को पड़ताल के लिए लगाया गया था। जांच में सामने आया कि श्रीपाल की हत्या डोली व पप्पू ने की थी। पुलिस का दवा है कि करीब ढाई साल पहले डोली का पति रवि अपहरण के आरोप में जेल चला गया था।
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इसके बाद पप्पू, डोली की मदद करने लगा था। दोनों एक दूसरे के नजदीक आ गए। दो मई का रोहित मां के साथ बहन के घर शादी में शामिल होने गया था। रात में डोली ने पप्पू को कमरे में बुलाया था। श्रीपाल ने दोनों को आपत्ति जनक स्थिति में देख लिया था।

एएसपी ने बताया कि पप्पू के घर से निकलते ही श्रीपाल बहू को पीटने लगा। डोली की चीख सुनकर पप्पू वापस आ गया। डोली और पप्पू ने श्रीपाल का गला दबा दिया। इससे उसकी मौत हो गई। राज छुपाने के लिए दोनों ने वृद्ध का शव गांव के बाहर दफना दिया था।

डोली का मायका तत्योरा गांव में ही है। करीब तीन साल पहले श्रीपाल का छोटा बेटा रवी गुड़गांव में रहता था। डोली उसके साथ गुड़गांव भाग गई थी और शादी कर ली थी। शादी के करीब छह माह बाद दोनों गांव आए थे। साथ में एक लड़का भी था। कुछ दिन बाद दिल्ली पुलिस तत्योरा आई। तब पता चला था कि रवी के साथ आए बालक का अपहरण करके साथ लाया है। तब से रवी जेल में है।

बडे़ बेटे रोहित के मुताबिक बेटे की जमानत और बहू की जरूरतों को पूरा करने के लिए श्रीपाल ने करीब एक साल पहले ढाई बीघे जमीन बेच दी थी। जमीन बिक्री का करीब नौ लाख रुपये मिला था। श्रीपाल ने कुछ रुपये डोली को अपनी जरूरतें पूरा करने के लिए दिए थे। इसके बाद से वह रवी की जमानत के लिए भाग दौड़ कर रहा था।
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