अपर जिलाजज चतुर्थ विशम्भर प्रसाद ने बुधवार को एक मुकदमे की सुनवाई पूरी कर किशोरी से बलात्कार करने के आरोपी को दोषी पाते हुए उसे उम्रकैद की सजा और 23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की और से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मेवाराम राठौर के अनुसार घटना की रिपोर्ट पीड़ता के पिता ने दर्ज कराई थी।
घटनाक्रम के आशीष ने 29 जून 2013 को शाम चार बजे गांव के एक घर में घुस आया और वहां मौजूद किशोरी से बलात्कार किया था। घटना के समय पीड़िता का पिता बाजार गया था और मां घर के बाहर थी। आरोपी ने पीड़िता के मुंह में दुपट्टे ठूंस दिया था। मौके पर पीड़िता की मां पहुंची तो आशीष भाग निकला। अदालत ने आशीष को उम्रकैद व 23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह भी आदेश दिया की अर्थदंड की जमा होने वाली धनराशि में से आधी राशि पीड़िता को दी जाए ।