कछौना। थाना क्षेत्र के दो गांवों के लोगों में जमीन पर कब्जे को लेकर बुधवार देर शाम हुई मारपीट में 13 लोग घायल हो गए। दोनों पक्षों की तरफ से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने घायलों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
कछौना थाना क्षेत्र के लायखेड़ा निवासी कमलेश (40) के कब्जे में गांव के नौ बीघा खेत का टुकड़ा है। लगभग एक साल से यह खेत बनियन खेड़ा निवासी गजराज (62) अपने नाम होने का दावा कर रहे हैं। दोनों पक्षों क ी तरफ से अदालत में मुकदमा भी किया गया था।
अभी जमीन कमलेश के कब्जे में ही है। कमलेश का कहना है कि उसकी पैतृक संपत्ति है, जो उसी के नाम है। जबकि गजराज का कहना है कि खेत कमलेश के नाम नहीं था। किसी दूसरे के नाम था जिससे करीब एक साल पहले उसने अपने नाम बैनामा कराया था।
अब कमलेश के नाम केवल नौ बिस्वा जमीन ही है, जो उसकी पैतृक संपत्ति थी। जमीन पर कब्जे को लेकर दो दिन पहले दोनों पक्ष के लोगों में विवाद हुआ था। जिसकी शिकायत मंगलवार को थाने पहुंचे एसपी चंद्र प्रकाश से की थी।
इस पर एसपी ने एसओ को दोनों पक्ष के लोगों को बुलाकर मामले का निस्तारण कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी एसओ ने मामले पर गौर नहीं किया था। जमीन पर कब्जे की बात को लेकर बुधवार शाम दोनों पक्ष के लोगों में फिर विवाद हो गया।
विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में जमकर लाठियां चलीं। जिसमें एक पक्ष की तरफ से कमलेश(40), राज (35), नरेश (40), माखन (22), विजय (30), सूजर (22) और बलकोरा (38) जख्मी हो गए। जबकि दूसरे पक्ष की तरफ से गजराज(60), शिव कुमार (28), सुशील (32), मुकेश (20), छोट्टन (40) और गुड्डू (32) घायल हो गए।
गुरुवार को दोनों पक्षों की तरफ से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने मेडिकल के लिए सीएचसी में भर्ती कराया। जहां पर हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने गजराज, नरेश, विजय और सूरज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एसओ ओपी सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।