हरदोई। विधायक राजेश्वरी की बेटी काजलराज ने जमीन की खरीद में अपने विभाग को भी अंधेरे मेें रखा। उन्होंने संपत्ति खरीद की जानकारी बीएसए को भी नहीं दी।
सरकारी विभाग में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी तरह की संपत्ति खरीदने से पहले अपने विभागाध्यक्ष को जानकारी देनी होती है। ऐसा न करने पर विभाग निलंबन भी कर सकता है।
काजलराज बेसिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापिका हैं। उनकी तैनाती अहिरोरी ब्लॉक के बक्सापुर प्राथमिक स्कूल में है। नियमानुसार जमीन खरीदने से पहले अपने विभागाध्यक्ष बीएसए को सूचना देनी चाहिए थी।
किंतु काजलराज ने बीएसए को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने कहा अगर काजलराज ने जमीन या कोई संपत्ति खरीदी है तो उन्हें विभाग को जानकारी देनी चाहिए थी। अभी मामला हमारी जानकारी में नहीं है। अगर कोई शिकायत मिलती तो नियमानुसार काजलराज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
काजल ने 17 जनवरी 2017 को नन्हें गांव के मुन्नेलाल की 0.6170 हेक्टेयर जमीन का बैनामा कराया था। रजिस्ट्री पेपर में काजलराज ने न केवल अपना पेशा छुपाया बल्कि व्यवसाय के कालम में फार्म 61 लिखा है। फार्म 61 उन लोगों को लिखने की छूट होती है जिनका पैन नंबर नहीं बना होता है। प्रधानाध्यापिका काजलराज का पैनकार्ड बना हैै। उनके पैनकार्ड का नंबर एक्यूपीआर 7687 एल है। उनका ये पैन नंबर विभागीय अभिलेखों में दर्ज है।
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार 0.6170 हैक्टेयर है। पहलगांव क्षेत्र में जमीन का सर्किल रेट 1500000 रुपये प्रति हेक्टेयर है। इस हिसाब से खरीदी गई जमीन का सरकारी मूल्य 926000 रुपये होता है। किंतु धोखाधड़ी करने वालों ने जमीन महज 480000 रुपये में बेच दी। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है। आयकर विभाग शेष रकम यानी 446000पर काजलराज से टैक्स वसूल कर सकता है।
काजलराज पत्नी संघर्ष कुमार सोमवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन पश्चिमी की अदालत में वाद दायर किया है। इसमें उन्होंने अपने साथ धोखाधड़ी होने और रजिस्ट्री निरस्त करने की गुहार लगाई है। काजल ने इस वाद में चार लोगों को प्रतिवादी बनाया है। एक प्रतिवादी शिकायत करने वाले मुन्नेे लाल, दूसरे बैनामा करने वाले मुन्नेेलाल और दो अन्य प्रतिवादी बैनामे के गवाह विश्वनाथ शुक्ला व रामभरोसे वर्मा हैं।
देहात कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत पहल के मजरा नन्हे निवासी मुन्ने लाल पुत्र नंदा की जमीन का बैनामा कल्लू उर्फ कालिका प्रसाद पुत्र छोटे लाल ने किया था। हरियावां थाना क्षेत्र के सीसीताल गांव निवासी कल्लू ही आधार कार्ड में हेराफेरी कर मुन्नेलाल बन गया था। कल्लू का ममेरा भाई बृजकिशोर पुत्र नन्हू पहलगांव में रहता है। इसी गांव का जगपाल मुन्नेलाल की जमीन बटाई पर लिए है।
बृजकिशोर जगपाल के ही परिवार का है। पुलिस के अनुसार जमीन खरीद का पैसा बृजकिशोर और उसकी पत्नी के खाते में डाला गया है। कोतवाल ने बताया कि कल्लू उर्फ कालिका, बृजकिशोर के अलावा दोनों गवाह महोलिया शिवपार निवासी विश्वनाथ शुक्ला, मरकहा निवासी रामभरोसे वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। कोतवाल कमलेश नारायण पांडेय बताया कि बड़े डाकखाने के करीब स्थित एक कंप्यूटर सेंटर के संचालक को भी उठाया गया था। पूछताछकर उसे छोड़ दिया गया है। आरोपियों ने उस कंप्यूटर सेंटर में फर्जी आधारकार्ड बनवाने की जानकारी दी थी। फर्जी आधारकार्ड मामले में जांच की जा रही है।