कामिसपुर। कांवरियों से विवाद व मारपीट के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया। एसओ ने माना की कांवरियों की सुरक्षा में चूक हुई थी। जिसे समय पर सुधार कर लिया गया। कहा कि इलाके में किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दास्त नहीं की जाएगी।
संडीला क ोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला किसान टोला व मीतो गांव के करीब दो सौ कांवरिया रविवार को उन्नाव के गंगाघाट से कांवर भरकर लौट रहे थे। कासिमपुर थाना क्षेत्र में करलावां पुल के पास कांवरिया रुक कर आराम कर रहे थे।
इस दौरान कुछ कांवरिये नहर में नहाने लगे थे। इसी दौरान पीछे से आए कांवरियों ने नहर में कुछ सिक्के उछाले थे। यहां पर पहले से ही बैठे दो युवकों ने सिक्के झपटने के प्रयास में नहर में छलांग लगाई थी। युवक पहले से ही नहर में नहा रहे कांवरियों के ऊपर गिर गए थे। इसक ो लेकर कांवरियों व युवकों में विवाद हुआ था।
युवक पड़ोस के गांव करलावां के थे। विवाद बढ़ने पर गांव के महिला पुरुष लाठी-डंडे व धारदार हथियार लेकर पहुंचे थे और कांवरियों पर हमला बोल दिया था। इससे भगदड़ मच गई थी। इस दौरान ग्रामीणों ने कांवर भरकर जा रही बालिका को भी नहर में फेंक दिया था। विवाद की जानकारी पर पुलिस पहुंची थी।
पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ा था, और किसान टोला संडीला निवासी कांवरिया धर्मेंद्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सोमवार को एसओ संजय मौर्या ने बताया कि कांवरियों पर हमला करने के आरोप में करलावां निवासी निजामुद्दीन, नजरुल, रियाज, रेहान और रफी क ो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।