कछौना (हरदोई)। देहात कोतवाली क्षेत्र में रविवार रात दो घरों में पड़ी डकैती का पुलिस खुलासा भी नहीं कर पाई थी कि बुधवार रात डकैतों ने कछौना के तीन घरों से करीब पांच लाख के नगदी-जेवर लूट लिए। डकैत तीन घंटे तक लूटपाट करते रहे और पुलिस सोई रही। गुरुवार सुबह मौके पर पहुंचे एसपी व अन्य अफसर जांच की खानापूरी कर लौट गए। डकैतों का कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस जांच की दुहाई दे रही है। पीड़ितों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
कछौना के पूर्वी बाजार में रामदास (55) अपने परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार रात लगभग 12 बजे डकैत छत के रास्ते घर में उतरे और मुख्य द्वार खोल लिया। इससे अन्य डकैत भी घर में घुस आए। आठ-दस डकैतों ने रामदास, उनके पुत्र विजय और विकास को तमंचों के बल पर रस्सी से बांधकर एक तरफ डाल दिया। घर की महिलाओं से चाभियां लीं और अलमारी, सेफ से सोने का एक हार, मांग बेदी, सोने की चेन, पांच अंगूठी, चांदी की कमर पेटी, बेसर, 10 हजार रुपये, एक मोबाइल फोन और एलईडी टीवी लूट लिया। जाते-जाते महिलाओं के पायल, मंगलसूत्र आदि भी उतरा लिए।
यहां से निकले डकैत पड़ोस में रामदास के भाई स्वर्गीय बृजमोहन के घर में घुसे। यहां घर के बाहर सो रहीं बृजमोहन की पत्नी शिवदेवी को तमंचे के बल पर अंदर ले गए और उनके पुत्र संतोष को भी बंधक बनाकर बक्से से तीन जोड़ी पायल, सोने के टाप्स, झाले, जंजीर, मांग बेदी, तीन हजार रुपये लूट लिए।
इसके बाद डकैतों ने लगभग 300 मीटर दूर स्थित शिव प्रताप के घर धावा बोला। यहां घर के बाहर सो रहे शिवप्रताप व उनके पुत्र गुड्डू को तमंचों से धमका कर दरवाजा खुलवाने को कहा। गुड्डू की आवाज पर उसके भाई अरविंद ने दरवाजा खोला। अरविंद के साथ उसका एक रिश्तेदार राजपूत भी था। डकैतों ने चारों को रस्सी से बांधकर डाल दिया। कमरे में रखी सेफ खोलकर सोने की झुमकी, मंगलसूत्र, दो नथुनी, एक जोड़ी टाप्स, हाथ फूल और चांदी की कमर पेटी के साथ 12 हजार रुपये लूट लिए। पीड़ितों की सूचना पर रात में ही यूपी-100 पुलिस पहुंची। सुबह एएसपी पूर्वी और सीओ बघौली घटनास्थल पर पहुंचे। दोपहर को एसपी विपिन कुमार मिश्र आए पीड़ितों से पूछताछ की।
बदमाशों ने पी चाय, खाई रोटी
कछौना। कस्बे के पूर्वी बाजार में तीन घरों में हुई डकैती से इलाके में सनसनी है। लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश न सिर्फ थके हुए थे बल्कि भूखे भी थे। बदमाशों ने पहली घटना करने के बाद उसी घर में आराम से चाय पी। दूसरी घटना को अंजाम देने के बाद उस घर की रसोई में गए और वहां रखी रोटियां खाईं। इससे पता चलता है कि बदमाशों ने पूरे इत्मिनान से घटना को अंजाम दिया और आराम से फरार हो गए।
कछौना के पूर्वी बाजार में बदमाशों ने सबसे पहले रामदास के घर में घटना को अंजाम दिया। यहां लूटपाट करने के बाद बदमाशों ने घर के आंगन के निकट बनी रसोई का रुख किया। रसोई में भगौने में चाय बनी रखी थी। बदमाशों ने चाय खुद ही गरम की और कप में लेकर वहीं बैठकर चाय पी ली। इसके बाद रामदास के भाई बृजमोहन के घर में घटना को अंजाम दिया। यहां लूटपाट करने के बाद बदमाश रसोई में गए। रसोई में बर्तन खंगाले तो रोटियां रखी मिलीं। बदमाश इस कदर भूखे थे कि सूखी रोटी ही आपस में बांटकर खा गए। बदमाशों के चाय पीने और रोटी खाने की जानकारी पीड़ित परिवारों ने पुलिस को भी दी।
तो लालपुर से भागकर आए थे बदमाश
सूत्र बताते हैं कि बुधवार रात लगभग 12 बदमाश शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लालपुर में ग्रामीणों ने देखे थे। बदमाशों की आहट पर ग्रामीणों ने शोर मचा दिया था। बड़ी संख्या में ग्रामीण एक ही जगह एकत्र हो गए थे। इन ग्रामीणों को एकत्र देख बदमाश यहां से पैदल ही फरार हो गए थे। माना जा रहा है कि इन्हीं बदमाशों ने कछौना कस्बे में जाकर डकैती की घटना को अंजाम दिया। लालपुर के ग्रामीणों की मानें तो उन्होंने यूपी-100 पुलिस को सूचित किया था लेकिन पुलिस मौके पर पहुंची ही नहीं। गुरुवार सुबह कछौना में घटना होने की जानकारी मिलने पर यह चर्चा आम हो गई कि उन्हीं बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है जो रात में लालपुर गए थे।
रस्सियों का ढेर साथ ले गए थे बदमाश
बदमाशों ने घटना को अंजाम देने से पहले तीनों ही घरों में सदस्यों को रस्सी से बांध दिया था। रस्सी से बांधने के बाद बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया। जाते समय भी बदमाश रस्सी नहीं खोल गए। रामदास के घर पर विकास की रस्सी कुछ ढीली पड़ गई थी और वह रस्सी खोलने में सफल हो गया। पीड़ित परिवारों ने बताया कि बदमाश पूरी तैयारी से आए थे और उनके पास रस्सियों का ढेर था।
कुछ बांधे थे नकाब, कुछ के दिख रहे थे चेहरे
पीड़ित परिवारों का कहना है कि कुछ बदमाश नकाब बांधे हुए थे। अधिकतर बदमाश बिना नकाब के थे। बदमाशों के पास तमंचे थे। लाठी-डंडे होने की पुष्टि कोई नहीं कर पाया। सूत्र बताते हैं कि पूछताछ के आधार पर बदमाशों का स्केच तैयार कराया जा रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि बदमाश बोल चाल के दौरान स्थानीय भाषा का ही प्रयोग कर रहे थे। बदमाशों ने संबंधित परिवारों को शारीरिक रुप से बहुत नुकसान नहीं पहुंचाया। विरोध करने पर मारपीट की।
चौथी रात ही दूसरी डकैती पुलिस के लिए चुनौती
देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कोड़वा में रविवार रात बदमाशों ने दो घरों में डकैती डाली थी। यहां परिजनों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट भी की थी। दो घरों से लगभग पांच लाख रुपये का माल बदमाश लूट ले गए थे। पुलिस के लिए वह घटना अभी चुनौती ही है। इसी बीच चौथी रात ही बदमाशों ने फिर से पुलिस को चुनौती दे डाली।
मोबाइल से मिल सकता सुराग
बदमाश रामदास के घर से एक मोबाइल फोन भी लूट ले गए। पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुराग यही है। मोबाइल फोन के जरिए पुलिस बदमाशों तक पहुंच सकती है। यह बात और है कि अगर बदमाश शातिर निकले तो वह मोबाइल का इस्तेमाल ही नहीं करेंगे।
लूट में दर्ज हुई रिपोर्ट
डकैती की घटना को पुलिस ने लूट में दर्ज किया। पीड़ित परिवाराें ने स्पष्ट बताया था कि बदमाशों की संख्या लगभग 12 थी। ऐसे में स्वभाविक रूप से घटना डकैती की बनती है। प्रभारी निरीक्षक ने अपनी मुसीबत कम करने के लिए रामदास के पुत्र विकास से तहरीर ले ली। एक ही तहरीर में तीनों घटनाओं का जिक्र किया गया है। इसी तहरीर के आधार पर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।