टड़ियावां थाना क्षेत्र के ग्राम गुलरिया में आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान किसान ने जहर खाकर जान दे दी।
ग्राम गुलरिया निवासी रामविलास (42) पुत्र मथुरा प्रसाद ने शुक्रवार सुबह घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शुक्रवार आधी रात किसान ने दम तोड़ दिया। शनिवार को पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। रामविलास के भाई अनूप मिश्र ने बताया कि रामविलास ने लगभग एक वर्ष पूर्व इलाहाबाद बैंक की नुमाइश चौराहा शाखा से 50 हजार का केसीसी बनवाया था। ये रुपये उसने वापस बैंक में जमा नहीं कराए। उसके परिवार में पत्नी मंजू के अलावा चार पुत्रियां आरती (22), अर्चना (19), अलका (16), संतोषी (8) और एक पुत्र सचिन (12) है। रामविलास के पास सिर्फ पांच बीघा कृषि योग्य भूमि है। उसे अपनी दो बेटियों आरती और अर्चना की शादी की चिंता सता रही थी। इसके कारण वह काफी परेशान रहता था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। वहीं विश्वस्त सूत्रों की मानें तो रामविलास के पास महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण गारंटी योजना के तहत दिया जाने वाला जॉब कार्ड तो था, लेकिन उसे कभी काम नहीं मिला। ये बात और है कि उसकी ओर से काम की मांग नहीं की गई। परिवार के पास अंत्योदय कार्ड था, जिस पर मिलने वाले राशन से दो जून की रोटी की व्यवस्था हो रही थी। 1995-96 में इंदिरा आवास योजना के तहत उसे कालोनी मिली थी, जिससे एक अदद छत की व्यवस्था हो गई थी।