मल्लावां। बैंक से लिए गए कर्ज की किसान अदायगी नहीं कर सका तो बैंक ने आरसी तहसील को भेज थी। कर्ज की वसूली के लिए राजस्वकर्मियों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। किसान को कर्ज अदायगी का कोई रास्ता नहीं सूझा तो फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मल्लावां थाना क्षेत्र के सुमेरपुर निवासी राम आसरे (40) पुत्र सरजू प्रसाद के पास डेढ़ बीघा जमीन थी। खेती के लिए वर्ष 2008 में उसने आर्यावर्त ग्रामीण बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड पर 14 हजार रुपये कर्ज लिया था। बीच बीच में उसने पैसे जमा किए, इसके बावजूद कर्ज पूरा चुका नहीं पा रहा था। बेटे हरिपाल बताया कि कर्ज न चुकाने के कारण तहसील से आरसी कट गई थी। राजस्व कर्मी वसूली के लिए दबाव डाल रहे थे। बेटे ने बताया कि इससे पिता भयभीत रहते थे। बुधवार सुबह लगभग पांच बजे शौच के लिए घर से निकले थे। जंगल में किसान ने पेड़ पर गमछे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
ग्रामीणों की सूचना पर परिवार में हाहाकार मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। किसान की खुदकुशी की खबर तहसील के किसी बड़े अधिकारी को नहीं थी। देर रात तक कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। एसडीएम बिलग्राम पीपी तिवारी ने बताया कि फिलहाल मुझे मामले की जानकारी नहीं है। तहसीलदार मीटिंग में हरदोई गए हैं। संबंधित अधिकारियों की मामले की जानकारी कर नियमानुसान किसान के परिजनों को सहायता दिलाई जाएगी। तहसीलदार नंद किशोर मौर्या ने बताया कि इस तरह के मामलों में तहसील से कोई मदद नहीं दी जाती है।