पुलिस ने डकैती और लूट गिरोह के इनामी सरगना सहित पांच डकैतों को दबोच लिया। उनके पास से लूटे गए जेवर और वाहन बरामद हुए हैं। एसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरोह के सात अन्य सदस्यों के नाम सामने आए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
एसपी विपिन कुमार मिश्र ने रविवार को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में हुई डकै ती व लूट की वारदातों का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमों ने शनिवार रात शहर क ोतवाली क्षेत्र के बहलौली गांव के एक बंद मकान के कमरे में छापा मारा। वहां डकैती व लूट का माल बांट रहे गिरोह के सरगना पांच हजार के इनामी शीलू उर्फ आशीष पुत्र रंगीलाल निवासी ओमपुरी कोतवाली देहात, इसी गांव के गोविंद पुत्र शिव दयाल कंजड़, अनूप कंजड़ पुत्र रोशन, सुनील कंजड़ पुत्र रोशन के अलावा लखनऊ के मलिहाबाद थाना अंतर्गत रहीमाबाद निवासी राहुल कंजड़ पुत्र महेंद्र को रुपये और गहने समेत गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि बदमाशों ने जुलाई में देहात कोतवाली के कोड़वा, संडीला कोतवाली के मोहल्ला आलमपुर और कछौना सदर बाजार में डकैती की वारदात स्वीकार की है।
इसके अलावा 13 जनवरी 2016 में सुरसा थाना क्षेत्र में हुई डकैती भी कुबूली है। पूछताछ में पीड़ित परिवारों ने करीब 10 से 12 डकैत होने की बात कही थी। इसमें देहात कोतवाली के ओमपुरी निवासी दीपू पुत्र छोटे, करन पुत्र छोटेलाल, जितेंद्र पुत्र शिव दयाल, अजय पुत्र कल्लू, पवन पुत्र छोटेलाल, दिलीप पुत्र छोटे लाल और लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र के रहीमाबाद निवासी दिलीप पुत्र महेंद्र फरार हैं। सातों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया जाएगा। प्रेस वार्ता में एएसपी पूर्वी ज्ञानंजय सिंह, सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह, कोतवाल भगवान सिंह, स्वाट टीम प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव आदि रहे।
डकैती की वारदातें
13 जनवरी 2016 - सुरसा थाना क्षेत्र
23 जुलाई 2017 - देहात कोतवाली क्षेत्र के कोढ़वा निवासी धन्नू पुत्र हनीफ के घर को निशाना बनाया।
27 जुलाई 2017- कछौना थाना क्षेत्र के मोहल्ला सदर बाजार निवासी रामदास, ब्रजमोहन व शिव प्रताप के घरों में डाका डाला।
30 जुलाई 2017- संडीला कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मानसनगर निवासी नत्थाराम और आलमपुर निवासी सीताराम पुत्र सुरेश कुमार के घर को निशाना बनाया।
पूर्व जनप्रतिनिधि की फ्लोर मिल थी ठिकाना
हरदोई। एसपी विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि डकैतों ने शहर के एक पूर्व जन प्रतिनिधि की बंद फ्लोर मिल को ठिकाना बना रखा था। वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस की सरगर्मी ठंडी होने तक इसी फ्लोर मिल में छिपे रहते थे। लोग ये समझते थे कि मिल में काम करने वाले मजदूर हैं।
घरों पर रखते थे मोबाइल
हरदोई। एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्य काफी शातिर हैं। मोबाइल से लोकेशन ट्रेस होने का खतरा रहा है। इसके चलते वारदात पर निकलने से पहले ये लोग अपने मोबाइल घरों में रखकर जाते थे। घटना के दौरान मोबाइल का प्रयोग नहीं करते थे। पहले पूरी प्लानिंग करते थे। दिन में रेकी कर जिस मकान में वारदात अंजाम देनी होती थी तय कर लेते थे। बाइकों से एक-एक कर नया गांव स्थित बंद पड़ी आरा मशीन के बरामदे में बाइकें खड़ी करते थे। यहां से पैदल ही निकले थे। वारदात को अंजाम देकर कुछ लोगों को माल सौंपकर अलग-अलग निकल जाते थे।
बरामद जेवर और वाहन
पुलिस ने संडीला में डाले गए डाके का 6.11 ग्राम सोना और 515 ग्राम चांदी बरामद की है। इसी तरह कछौना कोतवाली क्षेत्र में हुए डाके का 2 जोड़ी हाथ फूल, एक जोड़ी चांदी की चोटी, एक जोड़ी मांग बेंदी, बेसर, एक जोड़ी टाप्स, एक माला और एलईडी टीवी बरामद हुई है। डकैतों के पास से एक हार, तीन जोड़ी पायल, दो सोने की अंगूठी, एक चेन, एक जोड़ी बिछुआ व छह जोड़ी खडुआ और 1000 रुपये भी मिले हैं। इसके अलावा चार बाइकें और कार भी बरामद हुई है।
हिस्ट्रीशीटर हैं डकैत
हरदोई। पुलिस के हत्थे चढ़े पांचों बदमाश हिस्ट्रीशीटर हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्र में सभी के खिलाफ डकै ती, लूट, चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। इस फेहरिस्त में गिरोह का सरगना शीलू उर्फ आशीष टाप पर है। लखनऊ व हरदोई जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 12 मुकदमे दर्ज हैं। इसी तरह राहुल, गोविंद कंजड, अनूप कंजड, सुनील कंजड़ के खिलाफ अलग-अलग थानों में 8-8 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
हरदोई। डकैतों को दबोचने वाली पुलिस टीम में शहर क ोतवाल भगवान सिंह, वरिष्ट उपनिरीक्षक अशोक कुमार, क ांस्टेबल रामकृष्ण, वीरन यादव, ज्ञानेंद्र शुक्ला, अंजनी पांडेय, स्वाट टीम प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव, दीपक बरगोती, गुफरान खान, रविकुमार दीक्षित और धरमपाल शामिल रहे।