शाहाबाद। कोतवाली क्षेत्र के बासितनगर बेझा निवासी बहू के हत्यारोपी जेठ ने बुधवार को लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 22 मई को बहू की हथौड़ा से हमलाकर हत्या करने के बाद वह दो मंजिला मकान की छत से कूद गया था। गंभीर हालत में पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से डॉक्टर ने उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव बासितनगर बेझा निवासी डल्ला के तीन बेटों में निर्विकार (40) दूसरे नंबर का था। उससे बड़ा ओमकार परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। जबकि छोटा ओमहरी (40), पत्नी तारा देवी (35) बच्चों के साथ गांव में रहता था। आठ साल पहले निर्विकार बनारस गया था।
जहां से चार बच्चों की मां के साथ शादी करके घर ले आया था। करीब छह महीने बाद निर्विकार को छोड़कर महिला बच्चों को लेकर चली गई थी। इसके बाद से वह नशा करने लगा था। नशे की लत से पूरा परिवार परेशान रहता था। नशा छुड़ाने के लिए उसे बरेली के नशामुक्ति केंद्र में काफी दिन भर्ती भी कराया गया था।
20 मई को नशामुक्ति केंद्र से डिस्चार्ज होकर वह घर आया था। 22 मई को उसने नशे की गोलियां खा ली थीं। घर जाकर उसने हथौड़ा से ताबड़तोड़ हमला कर बहू तारा देवी की हत्या कर दो मंजिला मकान से नीचे कूद गया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
ओमहरी क ी तहरीर पर पुलिस ने निर्विकार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। 23 मई को जिला अस्पताल के डॉक्टर ने लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था। 24 मई की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।