वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच बदमाशों को पुलिस ने पकड़ लिया है। उनके पास से चोरी की गईं दो कारें, 12 बाइकें और एक चेचिस बरामद हुई है। गिरोह का सरगना फरार है। बदमाशाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
एएसपी पूर्वी ज्ञानंजय सिंह और पश्चिमी निधि सोनकर ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वाहन चोर गैंग का खुलासा किया। बताया कि कासिमपुर थानाध्यक्ष अमित सिंह भदौरिया ने शुक्रवार रात गश्त के दौरान गौसा नहर पुल के पास दो बाइकों पर सवार युवकों को रोका। उन्होंने अपना नाम रोहित पुत्र दर्शन सिंह और फिरोज पुत्र सिराज बताया। दोनों बाइक के कागजात नहीं दिखा सके। बाइकें चोरी की होने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर रोहित के मामा राजू सिंह निवासी बसंतपुर कासिमपुर के घर पर छापा मारा। वहां से दो बाइकें और दो कारें बरामद कीं। मामा फरार था। रोहित सिंह सांडी थाना क्षेत्र के बहादुर नगर का रहने वाला है। जबकि फिरोज ग्राम हलदोनी मोड़ शेरशाह मस्जिद नसीम कालोनी इंकोटेक थर्ड जनपद गौतम बुद्धनगर (नोएडा) का निवासी है।
इसके साथ ही अरवल थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने गश्त के दौरान ग्राम जिगनी निवासी ब्रजदेव के खेत में चार युवकों को संदिग्ध अवस्था में देखा। पुलिस को देखकर चारों भागने लगे। इनमें से तीन को पकड़ लिया गया। उन्होंने अपना नाम धर्मेंद्र, राम किशोर और चंचल बताया। जबकि आशुतोष उर्फ संजू पुत्र शिव स्वरूप निवासी मंसूरपुर थाना अरवल भाग गया। तीनों के पास से चोरी की 8 बाइकें बरामद हुईं हैं। धर्मेंद्र और राम किशोर ग्राम उमरौली जैतपुर और चंचल ग्राम मंसूरपुर का रहने वाला है। गिरोह का सरगना आशुतोष निवासी मंसूरपुर थाना अरवल फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
कबाड़ियों को बेचते थे वाहन
हरदोई। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी शौक पूरा करने के लिए वाहन चोरी करते थे। एक जिले से वाहन चुराकर दूसरे जिले में कबाड़ियों को बेच देते थे।
टीम में शामिल सदस्य
हरदोई। बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में अरवल थाने के एसआई हरिंदर सिंह, सिपाही राजेश यादव, रोहित नागर, फरमान, कासिमपुर के एसआई राजपाल सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह, सिपाही, राम किशन द्विवेदी, ज्ञानेंद्र शुक्ला, पुरुषोत्तम, अशोक और बसंत पटेल शामिल रहे।