मझिला पुलिस ने स्वाट टीम के साथ मिलकर रविवार शाम सहादतनगर पुलिया के पास से गांजे की तस्करी करने वाले पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 67 किलो गांजा बरामद हुआ है। इसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये है। पुलिस ने बताया कि आरोपी आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से गांजा लाकर जिले के बिलग्राम, सांडी, हरपालपुर के अलावा कन्नौज और फर्रुखाबाद में बेचते थे। शातिरों के कब्जे से एक डीसीएम, दो बाइक और 70 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं।
सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि जिले में नशे का अवैध कारोबार बढ़ गया था। इसको रोकने के लिए मझिला थाना पुलिस के साथ स्वाट टीम को लगाया गया था। मझिला थानाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्र ने रविवार शाम मुखबिर से मिली सूचना पर स्वाट टीम के प्रभारी आलोक सिंह के साथ मझिला थाना क्षेत्र के सहादतनगर पुलिया के पास एक डीसीएम को रोका। तलाशी में डीसीएम में 67 किलो 18 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसी दौरान वहां दो बाइकों से चार लोग भी पहुंच गए और पुलिस से डीसीएम रोकने का कारण पूछा। इस पर पुलिस ने इन चारों को भी हिरासत में ले लिया। डीसीएम चालक ने अपना नाम नक्षत्रसेन गुप्ता उर्फ छोटू बनिया पुत्र वेदप्रकाश गुप्ता निवासी कछेलिया थाना पाली बताया। अन्य आरोपियों ने अपने नाम सुरेश पुत्र छोटेलाल, अभिषेक पुत्र राजन, गोविंद पुत्र स्व. महेश चंद्र और शिवा पुत्र सतीश सभी निवासीगण रावणपुरवा कोतवाली बिलग्राम जनपद हरदोई बताए हैं।
एसपी ने बताया कि आरोपियों के साथी डीसीएम मालिक राजपाल यादव उर्फ राज निवासी 196 खटीक मोहल्ला डीडीवाड़ा किशनगढ़, अजमेर राजस्थान, उसकी पत्नी उर्मिला यादव और हरदोई के पिहानी चुंगी निवासी इमरान फरार हैं। एसपी ने नशे के सौदागरों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। टीम में उपनिरीक्षक राजेश कुमार, हेड कांस्टेबिल शंकराचार्य शुक्ल, सिपाही संजय कुमार और प्रवेश कुमार, स्वाट टीम के प्रभारी आलोक कुमार सिंह, सिपाही धर्मपाल सिंह, संजीव मलिक, राहुल कुमार, मोहम्मद खालिद और दीपक कुमार सिंह शामिल रहे।
अधिकारियों के ट्रांसफर का सामन बता बचते रहे शातिर
हरदोई। नशे के सौदागर डीसीएम में घरेलू सामान पैक रखते थे। रास्ते में किसी भी जांच पर ये लोग पुलिस कर्मियों को बताते थे कि एक अधिकारी का तबादला हुआ है और उन्हीं का घरेलू सामान लेकर जा रहे हैं। वापसी मेें भी यही सामान लदा रहता था। गांजा रखने के लिए डीसीएम में ही एक शानदार केबिन सा बना रखा था। घरेलू सामान रखा होने के कारण ये केबिन नजर नहीं आता था। एसपी ने बताया कि उक्त शातिर लंबे समय से नशे का अवैध कारोबार कर रहे थे।
एसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में नक्षत्रसेन गुप्ता उर्फ छोटू बनिया का आपराधिक इतिहास है। उसके विरुद्ध पाली थाने में खाद्यान्न की कालाबाजारी, देहात कोतवाली में लूट और हत्या के अलावा पाली थाने में आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत भी उसके विरुद्ध कार्रवाई हो चुकी है।
राजस्थान भेजी गई पुलिस टीम
हरदोई। पुलिस अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि डीसीएम मालिक और उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को राजस्थान भेजा गया है। जल्द ही उक्त दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद इस मामले में और भी जानकारी मिलने की उम्मीद है।