हत्या के दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को उम्रकैद और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
पहला मुकदमा जनपद न्यायाधीश जयशील पाठक की अदालत का रहा। 8 मार्च 2012 को सुबह दस बजे सांडी थाना क्षेत्र के शहजना निवासी रामचंद्र कुशवाहा और उसके लड़के अशोक के साथ गांव के ही सुंदरलाल, रामस्वरूप, अवधेश और थाना क्षेत्र के भेटुइली निवासी संजय ने पुरानी रंजिश को लेकर गाली गलौज और मारपीट करने लगे। रामचंद्र का दूसरा लड़का पवन उन्हें बचाने आ गया। संजय ने उस पर हत्या के इरादे से तमंचे से फायरिंग कर दी। गोली लगने से पवन की मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट रामचंद्र ने दर्ज कराई थी। अदालत ने संजय को हत्या के अपराध में उम्रकैद और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने संजय को शस्त्र अधिनियम के तहत भी दोषी करार देकर दो साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अन्य अभियुक्त सुंदरलाल, रामस्वरूप और अवधेश को मारपीट के अपराध में एक एक साल कैद की सजा सुनाई।
वहीं दूसरा मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश अखिलेश पांडेय की कोर्ट का रहा। शाहाबाद थाना क्षेत्र के फतेहपुर गयंद निवासी सुनीता की पुत्री रिंकी 30 मई 2015 को शौच गई थी लेकिन लौटकर नहीं आई। सुनीता ने 31 मई को अपहरण की रिपोर्ट अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज कराई थी। 2 जून को गन्ने के खेत में रिंकी की लाश बरामद हुई। पुलिस ने विवेचना के दौरान उसी गांव के संतोष सिंह को रिंकी के अपहरण और हत्या के अपराध का आरोपी बता आरोप पत्र न्यायालय भेजा। अदालत ने संतोष को उम्रकैद और पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।