अमर उजाला ब्यूरो
हरदोई। देहात कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को गैंगस्टर के एक आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ दिया। लेनदेन के चलते आरोपी को छोड़े जाने की चर्चा सार्वजनिक होते ही देहात कोतवाली पुलिस बैकफुट पर आ गई। इसके बाद गैंगस्टर के आरोपी को फिर से पकड़ा गया। मामला रफा-दफा करने के लिए इस मामले में वांछित चल रहे दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को शनिवार को जेल भेज दिया गया।
25 नवंबर 2017 की रात में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने नवीन गल्ला मंडी परिसर में छापा मारा था। इस दौरान 480 बोरी सरकारी खाद्यान्न बरामद हुआ था। पुलिस ने इस प्रकरण में विजेंद्र गुप्ता उर्फ ब्रजेंद्र, सुशील कुमार गुप्ता, प्रमोद कुमार गुप्ता, दीप सिंह, मंजेश, अनीस, रोशनलाल आदि के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में इस प्रकरण में गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई कर दी गई थी।
गैंगेस्टर लगने के बाद से विजेंद्र गुप्ता उर्फ ब्रजेंद्र निवासी सरायथोक पश्चिमी, मंजेश निवासी कुकुही थाना कछौना और दीप सिंह निवासी चांद बेहटा की तलाश पुलिस कर रही थी। शुक्रवार को देहात कोतवाली पुलिस ने विजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। चर्चा है कि लेनदेन कर उसे छोड़ दिया गया। बाद में इसकी जानकारी पुलिस के जनपदीय अधिकारियों को हुई। तब आनन-फानन में फिर से विजेंद्र को ढूंढा गया। देर शाम पुलिस ने विजेंद्र, मंजेश और दीप सिंह को हिरासत में ले लिया।
शनिवार की सुबह नानकगंज ग्रंट के पास से तीनों की गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेज दिया गया। देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राकेशचंद्र आनंद ने बताया कि शुक्रवार को जो गिरफ्तारी हुई, वह गलत थी। विजेंद्र की जगह दूसरे व्यक्ति को पकड़ लिया गया था। उसे छोड़ दिया गया। शाम को विजेंद्र को गिरफ्तार किया गया।
गैंगेस्टर के तीन आरोपी जेल भेजे गए
480 बोरी सरकारी खाद्यान्न की बरामदगी के बाद लगा था गैंगेस्टर
पकड़ो-छोड़ो का खेल चर्चा में आने पर हुई गिरफ्तारी