प्रतापनगर। बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में प्रतापनगर चौराहे पर शुक्रवार दोपहर मकान में विस्फोट होने से किशोरी की मौत होने के मामले में शनिवार को फोरेंसिक टीम की जांच के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई है। जांच में भारी मात्रा में आतिशबाजी बनाने के लिए बारूद एकत्र किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बारूद से ही हादसा होने की बात कह मकान मालिक के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या और विस्फोटक अधिनियम समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है।
प्रतापनगर चौराहा से दस मीटर दूर नूर मोहम्मद पुत्र शौकत अली का घर है।उसके पास आतिशबाजी बेचने का लाइसेंस भी है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे नूर मोहम्मद के घर में विस्फोट हो गया था, जिसमें उनकी 16 वर्षीय पुत्री आसमां के चीथड़े उड़ गए थे। बेनीगंज कोतवाली पुलिस ने पूरे मामले को मोड़ने के लिए सिलिंडर फटने की वजह से घटना होने की बात कही थी। अमर उजाला ने पूरे मामले की हकीकत खोलते हुए शनिवार के अंक में मकान में सुरक्षित मिले सिलिंडरों की फोटो प्रकाशित कर दी थी। इसके बाद एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बेनीगंज कोतवाली पुलिस की जमकर क्लास ली और शनिवार को फोरेंसिक टीम को जांच के लिए भेजा। फोरेंसिक टीम के प्रभारी पीएस वर्मा ने बताया कि मकान के अंदर भारी मात्रा में बारूद एकत्र था। इसी के कारण विस्फोट हुआ है। उन्होंने सिलिंडर फटने जैसी किसी बात से इनकार किया। बारूद की गंध अब भी आ रही है। उधर दूसरी ओर एसपी की नाराजगी को देखते हुए शनिवार को प्रतापनगर चौकी प्रभारी रामभजन भारती की तहरीर पर नूरमोहम्मद के विरुद्ध गैरइरादतन हत्या, विस्फोटक अधिनियम सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
शांतिभंग की आशंका में किया चालान, मिली जमानत
एसपी आलोक प्रियदर्शी की नाराजगी और निर्देशों को दरकिनार करते हुए बेनीगंज कोतवाली पुलिस ने फिर खेल कर दिया। पुलिस ने नूर मोहम्मद को शुक्रवार को ही हिरासत में ले लिया था और उसके विरुद्ध गंभीर धाराओं में शनिवार को रिपोर्ट भी दर्ज हो गई। बावजूद इसके पुलिस ने शांति भंग की आशंका में नूरमोहम्मद का चालान कर एसडीएम संडीला अतुल प्रकाश श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया। एसडीएम कोर्ट से भी नूर मोहम्मद को जमानत मिल गई। एसडीएम ने कहा कि यह पुलिस से पूछिए कि गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी शांतिभंग में चालान क्यों भेजा।
बस्ती के बाहर आतिशबाजी की बिक्री का है लाइसेंस
आतिशबाजी बेचने के लाइसेंस का समय-समय पर नवीनीकरण कराया जाता है। लाइसेंस में स्पष्ट उल्लेख है कि घनी बस्ती के बीच आतिशबाजी की बिक्री और भंडारण नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके घनी बस्ती में स्थित नूर मोहम्मद की दुकान के लाइसेंस का नवीनीकरण पुलिस की आख्या पर होता रहा। जाहिर सी बात है कि पुलिस ने अगर एक बार भी गंभीरता से जांच की होती तो शायद हादसा बच जाता।
बिचौलिये पर एसपी बोले, करेंगे कार्रवाई
पूरी घटना में गंभीर धाराओं में भी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी नूर मोहम्मद का चालान शांतिभंग की आशंका में किए जाने की पड़ताल पर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। प्रतापनगर चौराहा के निकट रहने वाले पुलिस के एक बिचौलिये ने पूरे मामले में बेनीगंज कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मी को मामला संभालने का ठेका दिया था। इस ठेके के एवज मेें एक लाख रुपये भी कोतवाली में तैनात उक्त पुलिसकर्मी ने लिए हैं। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि बिचौलिये और एक पुलिसकर्मी की भूमिका को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन अगर कुछ गलत हुआ है तो जांच करवाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह भी देखा जाएगा कि कैसे बस्ती के बीच की दुकान के लाइसेंस का नवीनीकरण होता रहा।