हरदोई। लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एंबुलेंस से लखनऊ रेफर किए गए घायल युवक की संडीला में मौत हो गई। एंबुलेंस के चालक और ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेकिभनशियन) ने शव पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाने के लिए मृतक के परिजनों से 2000 रुपये वसूल लिए। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मुख्य सड़क पर शव और परिजनों को छोड़कर चले गए। रात में शव के साथ परिजनों को भटकता देख लोगों ने जानकारी की तो मामला तूल पकड़ गया। एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर ने मामले में जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
पचदेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम कूंड़ी निवासी अरुण उर्फ झुनकू (28) पुत्र रामकुमार सोमवार दोपहर ढाई बजे बाइक से शाहाबाद जा रहे थे। पिपरिया पुल के निकट बोलेरो ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। घटना में अरुण कुमार और साथी प्रभात घायल हो गए थे। जिला अस्पताल में हालत गंभीर होने पर अरुण को लखनऊ रेफर कर दिया गया। उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एंबुलेंस से परिजनों के साथ भेज दिया। लखनऊ जाते समय रात लगभग 10 बजे संडीला के निकट अरुण की मौत हो गई।
एंबुलेंस चालक ने ईएमटी के कहने पर सीएचसी ले जाकर परीक्षण कराया। मृतक के भाई मुनकू और पिता रामकुमार की मानें तो एंबुलेंस चालक ने उनसे कहा कि वह शव नहीं ले जा सकते। परिजनों ने चालक से गुहार लगाई तो उसने ढाई हजार रुपये मांगे। दो हजार रुपये में शव को जिला मुख्यालय पर पोस्टमार्टम हाउस तक छोड़ने पर राजी हो गए। मंगलवार को मुनकू ने मामले की शिकायत अस्पताल के जिम्मेदारों से की। एंबुलेंस सेवाओं के प्रोग्राम मैनेजर विकासमणि त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत मिली है। चालक और ईएमटी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।