अमर उजाला ब्यूरो
हरदोई। जिले की दो अलग अलग अदालतों ने शुक्रवार को हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सात अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों मामलों में क्रमश: 50-50 हजार और 26-26 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। एक मुकदमे में अदालत ने वादी मुकदमा को अर्थदंड की धनराशि में से बतौर क्षतिपूर्ति पचास हजार रुपये दिलाने का भी आदेश दिया।
अपर जिला जज जयप्रकाश पांडेय की अदालत में चले पहले मुकदमे की रिपोर्ट बिलग्राम थाना क्षेत्र के निहाल पुरवा परसोला निवासी रामबाबू ने थाने पर दर्ज कराई थी। वादी के पिता कलेश्वर 6 जून 2013 को रात 9 बजे अपनी डोगी देखने गंगा जी की तरफ जा रहे थे। रास्ते में गांव के छेदीलाल व रघुवर से सिंचाई के पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। रघुबर के कहने पर छेदीलाल ने बंदूक से फायरिंग कर कलेश्वर की हत्या कर दी। अदालत के समक्ष चले मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जगवेंद्र सिंह ने की। अदालत ने छेदीलाल और रघुवर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। वहीं दूसरा मुकदमा अपर जिला जज प्रथम अलका श्रीवास्तव की कोर्ट में चला। जिसमें मुकदमे की पैरवी अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सतेंद्र कुमार सिंह ने की। अदालत में चले मुकदमे के घटनाक्रम के अनुसार अतरौली थाना क्षेत्र के हयातगंज निवासी आफताब के पिता इरशाद की परचून की दुकान पर गांव के ही मुन्ना की पत्नी 31 मई 2012 को समान लेने गई थी। इरशाद ने उधार देने से मना कर दिया, इस बात पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। मुन्ना की पत्नी देख लेने की धमकी देते हुए चली गई थी। 1 जून 2012 को शाम चार बजे मुन्ना, वहाबी उर्फ अब्दुल वहाब, अतीक अहमद, कयूम, आमिर असलहे लेकर इरशाद के घर में घुसकर कहासुनी की। रंजिश को लेकर इरशाद पर फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी।अदालत ने मुकदमे के साक्ष्य के आधार पर मुन्ना समेत पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सभी को सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की धनराशि में से पचास हजार रुपये वादी मुकदमा को दिलाया जाए।
- हत्या के दो मुकदमों में सात को उम्रकैद
- जुर्माने की राशि पीड़ित पक्ष को देने का आदेश