शाहाबाद। जिले में एकाएक अपराध बढ़ गया है। बीसी (बैंक मित्र) संचालक से दिन दहाड़े तीन लाख 10 हजार की लूट की घटना में 24 घंटे बीत जाने के बाद पुलिस के हाथ खाली हैं। दिनदहाड़े हुई लूट की यह घटना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। मामले को लेकर एसपी खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। पुलिस की सात टीमें संदिग्ध और आपराधिक इतिहास वाले लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बृहस्पतिवार को एसपी राजेश द्विवेदी शाहाबाद कोतवाली पहुंचे। सिस्टम के पेंच कसते हुए लूट का खुलासा करने के लिए सात टीमों का गठन किया। अभी तक की जांच में पुलिस के सामने यह तथ्य सामने आया कि बीसी को आवागमन को लेकर लुटेरों को पूरी जानकारी थी। ऐसे में रेकी कर घटना को अंजाम दिए जाने या फिर किसी करीबी का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस की टीमें जिले भर में पिछले कुछ वर्षों में हुई लूट की वारदातों का रिकार्ड खंगालने के साथ ही शाहाबाद के आस-पास क्षेत्रों के हिस्ट्रीशीटरों की कुंडली निकाल रही है। बाइक सवार तीन लुटेरों में एक ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि लूट का शिकार हुए राहुल त्रिवेदी से अपनी पहचान छिपाने के लिए एक ने चेहरे को कपड़े ढका हुआ था।
इससे लूट में किसी परिचित के शामिल होने की आशंका प्रबल मानी जा रही है। पुलिस तमाम बिंदुओं पर जांच कर रही है। ज्ञात हो कि बुधवार थाना मझिला के ग्राम हाथीपुर निवासी राहुल घर से सुबह झोले में तीन लाख दस हजार रुपये लेकर स्टेशन के पास बीसी केंद्र खोलने आ रहे थे। इसी बीच नगला गणेश के पास तीन लुटेरों ने फायरिंग व मारपीट कर घायल कर दिया। उसके पास से रुपयों का झोला छीनकर बाइक से फरार हो गए थे। लूट का खुलासा करने के लिए एसओजी, सर्विलांस, कोतवाली पुलिस, मझिला, पाली थानों की पुलिस सहित सात टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।