हरदोई। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने भ्रष्टाचार के आरोप में पाली थाने में तैनात उपनिरीक्षक और सिपाही को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ पाली थाने में रिपोर्ट भी दर्ज की गई है।
आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की विस्तृत जांच क्षेत्राधिकारी शाहाबाद को दी गई है। पूरी कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने की है।
पाली थाना क्षेत्र के पहाड़पुर चौड़ाराय निवासी नरेंद्र देव के मुताबिक उसने अपनी बेटी की शादी फर्रुखाबाद जिले के मोहम्मदाबाद में की थी। वहां दहेज के कारण नरेंद्र की बेटी के साथ मारपीट की गई थी। इसकी शिकायत आईजीआरएस के जरिए की गई थी। साथ ही एक शिकायती पत्र 20 जून को पाली थाने में तैनात सिपाही विश्वजीत को दिया गया था। नरेंद्र के मुताबिक इस प्रकरण में सुलह करने के लिए विश्वजीत ने 12 हजार रुपये की मांग की थी। नरेंद्र ने विश्वजीत को 10 हजार दिए थे, लेकिन विश्वजीत ने समझौता नहीं कराया। इसके बाद वह तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक से मिले और प्रभारी निरीक्षक ने एफआईआर दर्ज करवा दी। इसकी विवेचना उपनिरीक्षक एच आर यादव को दी। नरेंद्र का आरोप है कि विवेचक ने जांच के लिए फर्रुखाबाद जाने को वाहन की व्यवस्था करने के लिए कहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो नरेंद्र ने बना लिया था।
यह वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसका संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने दरोगा और सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए। देर रात नरेंद्र देव की तहरीर पर पुलिस ने सिपाही और दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। दोनों को निलंबित भी कर दिया गया है। सिपाही विश्वजीत को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
बीते रविवार की रात ही नीरज कुमार जादौन ने हरदोई पुलिस अधीक्षक का पद संभाला है। उनके आने से पहले ही पूर्व के जनपदों में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार और लापरवाही की शिकायतों पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात सामने आयी थी। चर्चा के मुताबिक ही नीरज जादौन ने हरदोई में भी रुपये वसूलने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।हालांकि घटना लगभग एक माह पुरानी है।