हरदोई। जल्द ही टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांट के साथ ही गौरी कोथावां के आसपास के गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली के झटकों से मुक्ति मिल जाएगी। फीडर की अधिक लंबाई व ओवरलोड होने की समस्या को देखते हुए बिजली विभाग ने मलेहरा 33 केवीए सब स्टेशन से नवीन फीडर का निर्माण शुरू करा दिया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के लिए पोषक आहार उत्पादन करने वाले गौरी कोथावां में स्थिति टीएचआर प्लांट का संचालन ओम शांति महिला प्रेरणा लघु उद्योग के माध्यम से किया जा रहा है। मलेहरा फीडर के करीब 50 किलोमीटर लंबे होने के कारण इससे जुड़े टीएचआर प्लांट व गांवों को भी रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल पाती है। अमर उजाला ने बिजली आपूर्ति की समस्या पर कुपोषण से जंग...आहार बनाने में बिजली कटौती बन रही बाधा शीर्षक से प्रमुखता से खबर दी थी। डीएम एमपी सिंह ने खबर का संज्ञान लेते हुए पॉवर कारपोरेशन से रिरोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि फीडर की लंबाई व ओवरलोड के कारण पर्याप्त समयावधि में बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
विद्युत वितरण खंड संडीला के अधिशासी अभियंता अजय कुमार चौरसिया ने बताया कि डीएम के निर्देश पर गौरी कोथावां के टीएचआर प्लांट सहित आसपास के गांवों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए नवीन फीडर बनवाया जा रहा है। मलेहरा 33 केवीए सब स्टेशन से दूसरे फीडर का निर्माण शुरू करा दिया गया है। इसकी लंबाई करीब छह किमी होगी। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए 38 फीडर बनवाए जा रहें हैं
अधिशासी अभियंता अजय कुमार चौरसिया ने बताया कि खंड के अधीन अभी तक 52 फीडर संचालित हैं। लंबाई व लोड अधिक होने के कारण ट्रिपिंग की समस्या रहती है। 38 नवीन फीडरों का निर्माण कराया जा रहा है। इससे यहां पर फीडरों की संख्या 90 हो जाएगी। इसमें कुकुरा, मलेहरा, अतरौली, संडीला ग्रामीण और भरावन आदि फीडरों पर काम भी शुरू करा दिया गया है। इन सभी फीडरों के बन जाने से करीब आठ लाख आबादी को बिजली सुधार का फायदा मिल सकेगा।