संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। उपभोक्ताओं का बिल जमा करने के लिए शहर के विद्युत उपकेंद्रों के काउंटर पर बैठने के लिए अधिकृत की गई संस्था ने बड़ा खेल कर दिया। उपभोक्ताओं से बिल तो वसूल लिया, लेकिन इसका ब्योरा बिजली विभाग की बेवसाइट पर अपडेट नहीं किया। नए बिलों के साथ पुराने बिल जुड़कर आने पर उपभोक्ताओं ने एसडीओ से शिकायत दर्ज कराई तो पूरा मामला खुल गया। लगभग 25 लाख रुपये उपभोक्ताओं से वसूलने के बाद भी इसका ब्योरा अपडेट नहीं किया गया।
शहर में बिजली बिल जमा करने वाली संस्था का अनुबंध एक वर्ष पूर्व ही समाप्त हो गया था। ऐसे में विभागीय कर्मचारी ही विद्युत उपकेंद्रों पर बिजली बिल जमा कर रहे थे। सितंबर में विभाग की ओर से शहर के विद्युत वितरण खंड द्वितीय, कोयल बाग कालोनी उपकेंद्र, सिटी विद्युत उपकेंद्र पर सरल नाम से सीएससी चलने वाली संस्था को बिल जमा करने की जिम्मेदारी दे दी गई।
संस्था की ओर से सभी काउंटर पर सिस्टम और अपने कर्मचारियों को तैनात कर बिल जमा करना शुरू कर दिया। पूरे माह संस्था के कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं के बिल जमा किए, लेकिन संस्था की ओर से बिल जमा करने के उपरांत उसको विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। इस माह जब बिजली बिल जारी किए गए, तो बिजली बिल में उपभोक्ताओं का बकाया जुड़ कर आ गया। इसकी शिकायत लेकर उपभोक्ता उपखंड कार्यालय पहुंचे।
यहां पता चला कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के साथ ऐसा हुआ है। इस पर विभागीय अधिकारियों ने गोपनीय जांच शुरू की, तो पता चला कि सितंबर में संस्था की ओर से जमा धनराशि को विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। इसका पता चलने पर विभागीय अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था के काउंटर बंद करा दिए। उपखंड अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था के संचालक को दो दिन में जमा की गई धनराशि का डाटा विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए है।
अगर दो दिन में संस्था धनराशि का विवरण अपलोड नहीं कराती है, तो संस्था संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उपभोक्ताओं के बिलाें के संशोधन की प्रक्रिया उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार किया जाएगा।
वर्जन
उपभोक्ता का जितना बिल जमा किया गया है, वह पूरा विभाग को दे दिया गया है। किसी प्रकार का गबन या अनियमितता नहीं है। बिजली विभाग के साॅफ्टवेयर की समस्या होगी।
अभय कुमार, जिला प्रभारी
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